Shankaracharya FIR Controversy : रामभद्राचार्य के शिष्यों के दबाव में फर्जी FIR करवाई,आशुतोष का खुलासा, साजिश में कई अफसर शामिल
Shankaracharya FIR Controversy : ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के प्रमुख आशुतोष महाराज से जुड़े विवाद में नया मोड़ आ गया है। आध्यात्मिक गुरु आशुतोष महाराज ने आरोप लगाया है कि शंकराचार्य के खिलाफ दर्ज की गई FIR फर्जी है और इसे सुनियोजित साजिश के तहत दर्ज कराया गया। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में रामभद्राचार्य के एक शिष्य ने दबाव बनाया था और पूरी कार्रवाई में कई अधिकारियों की भी भूमिका रही। आशुतोष महाराज ने कहा कि धार्मिक संस्थाओं और संत समाज को बदनाम करने के उद्देश्य से इस तरह की गतिविधियां की जा रही हैं।
Shankaracharya FIR Controversy : उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि सच्चाई सामने आने पर पूरे घटनाक्रम का खुलासा होगा।आशुतोष ब्रह्मचारी ने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि उनके ही गुरुभाई रामचंद्र दास ने गुरु की हत्या करवाने का षड्यंत्र रचा।अविमुक्तेश्वरानंद पर फर्जी मुकदमा दायर करवाने की साजिश रची। शंकराचार्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने का दबाव भी उन पर रामचंद्र ने ही डाला था। ब्रह्मचारी ने कहा कि मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि अब मैं सत्य की लड़ाई लड़ूंगा, चाहे सामने कोई भी व्यक्ति हो। वहीं, इस बयान के बाद संत समाज और धार्मिक संगठनों के बीच बहस तेज हो गई है। मामले को लेकर विभिन्न पक्षों की ओर से प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुल मिलाकर गौ रक्षा के लिए प्रदेश भर में भ्रमण कर रहे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ कई केस दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी अब पलट गए हैं। उनके सीधे आरोप अब रामभद्राचार्य के शिष्य रामचंद्र दास पर हैं।
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