उत्तर प्रदेश के शामली जिले में रेलवे ट्रैक पर ट्रेन पलटाने की खतरनाक साजिश को अंजाम देने की कोशिश की गई। यह घटना तब सामने आई जब दिल्ली से चलकर शामली आ रही एक पैसेंजर ट्रेन के ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर एक बड़ा हादसा टाल दिया।
पिछली ट्रेन के गुजरने के केवल एक घंटे के भीतर, अज्ञात शरारती तत्वों ने ट्रैक पर:
- 20 फीट लंबा लोहे का पाइप
- बड़े-बड़े पत्थर
- छोटे कंकड़-पत्थर
रखकर रेल हादसे की साजिश रची थी।
🕵️♂️ कैसे हुआ खुलासा?
शनिवार की रात 64021 दिल्ली-शामली पैसेंजर ट्रेन जब बलवा हाल्ट से आगे बढ़ रही थी, तभी करीब 10:18 बजे ट्रैक पर बाधा दिखाई दी। ट्रेन के चालक जोगेंद्र सिंह ने समय रहते इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोका।
मौके पर क्या मिला?
- ट्रैक पर नलकूप का भारी पाइप रखा हुआ था।
- जगह-जगह पत्थर और कंकड़ फैले थे।
- पाइप का वजन इतना था कि यह काम अकेले किसी एक व्यक्ति के बस का नहीं था।
👮♂️ सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी (Government Railway Police) और आरपीएफ (Railway Protection Force) की टीम मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि:
- 5 से ज्यादा लोग इस साजिश में शामिल हो सकते हैं।
- यह सिर्फ शरारत नहीं, बल्कि पूर्व नियोजित साजिश थी।
जांच में शामिल एजेंसियां:
- GRP और RPF
- सिविल पुलिस
- इंटेलिजेंस एजेंसियां, जो आतंकी एंगल की भी जांच कर रही हैं
🕰️ एक घंटे में कैसे रची गई साजिश?
विशेष बात यह है कि इससे सिर्फ एक घंटे पहले एक और ट्रेन उसी ट्रैक से गुजर चुकी थी और तब तक ट्रैक पूरी तरह साफ था। यानी:
- रात 9:21 बजे एक ट्रेन बलवा से शामली गई।
- 10:18 बजे अगली ट्रेन को रोका गया।
- इसके बीच के केवल 57 मिनट में यह सब किया गया।
🤔 साजिश या आतंकी प्लान?
अधिकारियों को शक है कि ये एक आतंकी साजिश भी हो सकती है। कारण:
- 2019 में शामली स्टेशन सहित 11 स्थानों को उड़ाने की धमकी वाली चिट्ठी आई थी।
- नलकूप के लोहे के भारी पाइप, सीमेंट के टुकड़े, और पत्थर इकट्ठा करना और रखना — एक संगठित प्लान की ओर इशारा करता है।
📍 घटना का स्थान
यह घटना बलवा गांव और शामली स्टेशन के बीच ट्रैक पर हुई। यह रेलवे रूट दिल्ली से सहारनपुर होते हुए शामली को जोड़ता है और इस पर रोजाना हजारों लोग यात्रा करते हैं।
👁️🗨️ प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों का क्या कहना है?
- चालक जोगेंद्र सिंह: “अगर ट्रेन समय पर नहीं रोकी जाती, तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।”
- स्टेशन मास्टर आशीष सैनी को तुरंत सूचना दी गई।
- DIG अभिषेक सिंह खुद जांच के लिए मौके पर पहुंचे।
🛡️ रेलवे सुरक्षा में कितनी है चूक?
यह घटना एक बार फिर रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है:
- क्या ट्रैक की नियमित पेट्रोलिंग नहीं हो रही थी?
- क्या CCTV और निगरानी तंत्र नाकाम रहा?
- कैसे कोई 20 फीट लंबा पाइप और भारी पत्थर रेलवे ट्रैक पर रख सकता है?
🔍 क्या होनी चाहिए अगली कार्रवाई?
सुझाव:
- रेलवे ट्रैक की नियमित निगरानी बढ़ाई जाए।
- गांवों के नजदीक लगे रेलवे स्टेशनों पर स्थानीय चौकीदार तैनात किए जाएं।
- सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन निगरानी की व्यवस्था लागू हो।
🔚 निष्कर्ष: सतर्कता से टली बड़ी दुर्घटना
शामली की यह घटना एक बड़ी ट्रेन दुर्घटना को टालने की मिसाल है, लेकिन यह भी साफ है कि अगर रेलवे, पुलिस और खुफिया एजेंसियां सतर्क न हों, तो ऐसी घटनाएं दोहराई जा सकती हैं। समय पर की गई कार्रवाई ने न सिर्फ सैकड़ों लोगों की जान बचाई, बल्कि भविष्य के लिए एक चेतावनी भी दी।





