Mohit Jain
मध्यप्रदेश में ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पूरे प्रदेश में दिसंबर महीने की शुरुआत से ही कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। मौसम विभाग के अनुसार हिमालयी क्षेत्र में लगातार बन रहे पश्चिमी विक्षोभ और जेट स्ट्रीम के असर से प्रदेश में बर्फीली हवाएं पहुंच रही हैं। 13 दिसंबर से एक और नया सिस्टम सक्रिय होगा, जिससे ठंड और तेज होने की संभावना है।

शहडोल सबसे ठंडा, कई शहरों में 10° से नीचे पारा
बुधवार को प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका शहडोल का कल्याणपुर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3 डिग्री दर्ज किया गया। उमरिया में 4.9 डिग्री, पचमढ़ी और राजगढ़ में 5.2 डिग्री, रीवा में 5.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। इंदौर में पारा 5.4 डिग्री और भोपाल में 6.8 डिग्री तक पहुंच गया।
जेट स्ट्रीम और बर्फीली हवाओं से बढ़ी सर्दी
मौसम विभाग के मुताबिक जमीन से करीब 12 किलोमीटर की ऊंचाई पर 222 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जेट स्ट्रीम बह रही है। इसके साथ ही उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी से ठंडी हवाएं मध्यप्रदेश तक पहुंच रही हैं, जिससे शीतलहर जैसी स्थिति बन गई है।
भोपाल–इंदौर समेत कई जिलों में शीतलहर का अलर्ट
भोपाल, इंदौर, राजगढ़, शाजापुर और सीहोर में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार दिसंबर में ठंड का असर पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ सकता है। नवंबर महीने में ही भोपाल और इंदौर में ठंड के पुराने रिकॉर्ड टूट चुके हैं और अब दिसंबर में भी यही रुख बना रहने के आसार हैं।





