रिपोर्ट- हिमांशु पटेल
Sai Cabinet Decision 2025: छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की आज एक अहम बैठक मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित की गई, जिसमें राज्य के आर्थिक, औद्योगिक, कृषि और प्रशासनिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। साल 2025 की इस आखिर कैबिनेट में इन अहम फैसलों को मंजूरी दी गई।

Sai Cabinet Decision 2025: तेंदूपत्ता संग्राहकों को राहत
Sai Cabinet Decision 2025: कैबिनेट ने तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए वर्ष 2026 में 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से तेंदूपत्ता खरीदी के लिए लिए जाने वाले ऋण पर राज्य शासन की गारंटी देने की अनुमति दी है। इससे लाखों आदिवासी परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
Sai Cabinet Decision 2025: मोटा अनाज (कोदो-कुटकी-रागी) को मिलेगा बढ़ावा
मंत्रिपरिषद ने कोदो, कुटकी और रागी जैसे मोटे अनाज की खरीदी, प्रसंस्करण और बिक्री के लिए छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ को कार्यशील पूंजी देने तथा अराष्ट्रीयकृत लघु वनोपज के लिए 30 करोड़ रुपये का एकमुश्त ब्याज मुक्त ऋण देने का फैसला किया।
कैबिनेट ने अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम से जुड़े पुराने ऋणों की पूरी अदायगी को मंजूरी दी है। इसके लिए 55.69 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। इससे राज्य को हर साल करीब 2.40 करोड़ रुपये के ब्याज भुगतान से मुक्ति मिलेगी और 229.91 करोड़ रुपये की गारंटी देनदारी भी समाप्त होगी।
Sai Cabinet Decision 2025: धान मिलिंग पर प्रोत्साहन राशि में बढ़ोतरी
धान मिलिंग से जुड़े निर्णय में उसना मिलिंग पर प्रोत्साहन राशि 20 से बढ़ाकर 40 रुपये प्रति क्विंटल कर दी गई है। साथ ही मिलिंग की न्यूनतम अवधि 3 माह से घटाकर 2 माह कर दी गई है।
औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में संशोधन कर निवेश, रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को गति देने का निर्णय लिया गया है।
रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में 20 जनवरी से 5 फरवरी तक लगने वाले 9वें ऑटो एक्सपो के दौरान बिकने वाले वाहनों पर लाइफ टाइम रोड टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
इसके अलावा कस्टम मिलिंग में बैंक गारंटी पर स्टाम्प शुल्क घटाने, पुलिस मुख्यालय में नया पद सृजित करने और रायपुर महानगरीय क्षेत्र में 23 जनवरी से पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू करने का निर्णय भी लिया गया है। इन फैसलों से राज्य में आर्थिक सशक्तिकरण, निवेश और प्रशासनिक सुधार को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।




