रिपोर्ट – नेमिचंद बंजारे
छत्तीसगढ़ के राजिम क्षेत्र अंतर्गत छुरा ब्लॉक के अकलवारा हाई स्कूल में छात्रों और अभिभावकों के विरोध प्रदर्शन का बड़ा असर देखने को मिला है। मनमानी और अनुशासनहीनता के आरोपों से घिरे प्रिंसिपल जे. पी. वर्मा को उनके पद से हटा दिया गया है।
क्यों हुआ विरोध?
कुछ दिनों पहले विद्यालय के मुख्य गेट में ताला जड़कर छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों ने प्रिंसिपल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था।
छात्रों ने आरोप लगाया था कि:
- प्रिंसिपल जे. पी. वर्मा का व्यवहार अभद्र है।
- परीक्षा परिणामों में हेराफेरी की गई है।
- छात्रों के साथ मनमानी और भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है।
इन आरोपों को लेकर विद्यालय में भारी नाराजगी और विरोध का माहौल बना रहा।
प्रशासन की सक्रियता
घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर तहसीलदार और खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद गेट का ताला खोला गया, लेकिन छात्रों और पालकों ने यह साफ कर दिया कि जब तक जे. पी. वर्मा को हटाया नहीं जाएगा, वे आंदोलन खत्म नहीं करेंगे।
कार्रवाई और नई नियुक्ति
आख़िरकार प्रशासन ने छात्रों और पालकों की मांगों को स्वीकार करते हुए प्रिंसिपल जे. पी. वर्मा को पद से हटा दिया।
उनकी जगह सुरेश कुमार वर्मा को प्रभारी प्रिंसिपल नियुक्त किया गया है।
शासन को भेजा जाएगा पत्र
शाला प्रबंधन और प्रशासन ने निर्णय लिया है कि इस कार्रवाई की जानकारी राज्य शासन को पत्र के माध्यम से भेजी जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसे मामलों में सख्ती से अनुशासन लागू किया जा सके।





