रिपोर्ट- भूपेंद्र गबेल, एडिट- विजय नंदन
रायगढ़ : एनटीपीसी तिलईपाली परियोजना के भूमि अधिग्रहण को लेकर प्रभावित किसानों का विरोध एक बार फिर तेज हो गया है। किसानों ने जिला कलेक्टर रायगढ़ को ज्ञापन सौंपते हुए मुआवजा, बोनस और पुनर्वास नीति में पारदर्शिता की मांग की है। उनका कहना है कि भूमि अधिग्रहण हुए वर्षों बीत चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें नियमानुसार भुगतान नहीं मिला है।

किसानों का आरोप है कि अधिग्रहण प्रक्रिया के दौरान कई अनियमितताएं हुईं। शासन द्वारा 6 से 10 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा तय किया गया था, लेकिन अनेक किसानों को अब तक यह राशि प्राप्त नहीं हुई है। कुछ किसान ऐसे भी हैं जो अब तक अपनी भूमि पर खेती कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें मुआवजा और पुनर्वास का पूरा लाभ नहीं मिला।

किसानों ने बताया कि उन्होंने बार-बार अपनी समस्याओं को प्रशासन और परियोजना प्रबंधन के सामने रखा, लेकिन समाधान नहीं मिला। अब उन्होंने जिला प्रशासन से त्रिपक्षीय बैठक की मांग की है, जिसमें किसानों, एनटीपीसी प्रबंधन और शासन के प्रतिनिधि शामिल हों, ताकि मुआवजा और पुनर्वास से जुड़ी विसंगतियों का समाधान पारदर्शी तरीके से हो सके।
किसानों ने यह भी मांग की है कि पुराने मामलों की समीक्षा 1997 के कोयला धारक भूमि अधिनियम और 2013 के भूमि अधिग्रहण अधिनियम की धारा 24 के तहत की जाए, ताकि जिन किसानों को न्याय नहीं मिला, उन्हें उनका हक मिल सके। ग्रामीणों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।





