रायगढ़। जिले में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। रात के अंधेरे में ये जंगली हाथी गांव के नजदीक पहुंचकर किसानों की फसलों को रौंद रहे हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। बीती रात भी जिले में 15 किसानों की फसलें हाथियों के पैरों तले कुचलकर बर्बाद हो गईं। अब वन विभाग द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
गांवों में घुसकर फसलें कर रहे नष्ट
मंगलवार और बुधवार की देर रात रायगढ़ वन मंडल के घरघोड़ा वन परिक्षेत्र में एक हाथी जंगल से निकलकर सारढाप और कंटगडीह बस्तियों के करीब पहुंच गया। इसके बाद हाथी ने ग्रामीणों के खेतों में घुसकर फसलों को रौंद डाला और जमकर फसलें खाईं।

किसानों को भारी नुकसान
बताया जा रहा है कि सारढाप में ओम कुमार राठिया, उलस राम राठिया और पवन कुमार राठिया के धान की फसल को हाथी ने बर्बाद कर दिया। वहीं, कंटगडीह में त्रिलोचन द्वारा लगाए गए तरबूज की फसल को भी काफी नुकसान हुआ।
ग्रामीणों ने खदेड़ने की कोशिश की
हाथी के खेतों में पहुंचने की खबर मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और हाथी को भगाने का प्रयास किया, लेकिन वह देर रात तक खेतों में ही डटा रहा। इसके बाद सुबह होते ही वह छाल रेंज की ओर चला गया।
धरमजयगढ़ में भी भारी नुकसान
धरमजयगढ़ क्षेत्र में भी हाथियों का भारी आतंक देखा गया है। यहां 11 किसानों की फसलों को हाथियों ने नष्ट कर दिया। धरमजयगढ़ वन मंडल के सागरपुर में 5, बेहरामार में 4 और सिंघीझाप में 2 किसानों के खेतों में भारी नुकसान हुआ है। सुबह वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और नुकसान का आंकलन शुरू किया।
133 हाथी कर रहे हैं विचरण
वन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, रायगढ़ और धरमजयगढ़ वन मंडल में कुल 133 हाथी विचरण कर रहे हैं। इनमें रायगढ़ में 26 और धरमजयगढ़ में 107 हाथी मौजूद हैं। इनमें नर 44, मादा 61 और 28 शावक शामिल हैं। वन विभाग इन पर कड़ी निगरानी रख रहा है और ग्रामीणों को जंगलों में न जाने की हिदायत दी गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान निकालना चाहिए, ताकि हाथियों के आतंक से फसलों और लोगों की जान-माल की रक्षा की जा सके।