पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने की परिजनों से मुलाकात
गोड्डा, 25 अगस्त 2025
गोड्डा जिले के ललमटिया स्थित डकैता गांव में कथित फर्जी एनकाउंटर में मारे गए सूर्य नारायण हांसदा उर्फ सूर्या हांसदा के परिजनों से सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन मिले। उन्होंने मृतक के परिजनों को सांत्वना दी और उनके चित्र पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
बच्चों ने हाथों में तख्तियां लेकर की CBI जांच की मांग
सोरेन ने बताया कि गांव पहुंचते ही उन्होंने हांसदा द्वारा संचालित चांदभैरव स्कूल का दौरा किया। यहां करीब 300 छोटे-छोटे बच्चों से उनकी मुलाकात हुई। बच्चों ने हाथों में तख्तियां लेकर एनकाउंटर की CBI जांच की मांग की। सोरेन ने कहा कि हांसदा गरीब और वंचित बच्चों को मुफ्त शिक्षा देते थे, ताकि वे पढ़-लिखकर अपना भविष्य संवार सकें और समाज आगे बढ़े।
“फर्जी एनकाउंटर का शिकार हुए सूर्या हांसदा”
चंपई सोरेन ने कहा कि हांसदा हमेशा शोषण और अवैध खनन के खिलाफ आवाज उठाते रहे। उन्होंने कभी भी आम जनता को परेशान नहीं किया। उनके खिलाफ दर्ज 14 मामलों में अदालत ने उन्हें बरी कर दिया था, जबकि 5 मामले अभी विचाराधीन थे। उन पर किसी भी प्रकार का वारंट नहीं था।
सोरेन ने अफसोस जताया कि सत्ता पक्ष में बैठे लोग उन्हें अपराधी बताकर जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “अगर आंदोलन करने और शोषण के खिलाफ आवाज उठाने से कोई अपराधी हो जाता है, तो झारखंड के सभी आंदोलनकारी अपराधी कहलाएंगे। लेकिन अदालत ने सच्चाई को समझकर उन्हें बरी किया।”
आदिवासी समाज में गुस्सा और पीड़ा
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हांसदा ने कभी अपने व्यक्तिगत हित के लिए संघर्ष नहीं किया, बल्कि वे क्षेत्र की शोषित जनता की आवाज थे। आज पूरा झारखंड, विशेषकर आदिवासी समाज, इस फर्जी एनकाउंटर से दुखी और आक्रोशित है।
CBI जांच की मांग
सोरेन ने कहा कि इस मामले में निष्पक्ष जांच तभी संभव है जब CBI जांच कराई जाए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मौजूदा सरकार पर आदिवासी और मूलवासी समाज को सुरक्षा देने का भरोसा नहीं करना चाहिए।





