रोम: दुनिया भर के नेताओं, राजपरिवारों और धार्मिक गणमान्य व्यक्तियों ने आज (26 अप्रैल, 2025) वैटिकन सिटी के सेंट पीटर्स स्क्वायर में पोप फ्रांसिस के अंतिम संस्कार में शिरकत की। पोप फ्रांसिस का 21 अप्रैल को 88 वर्ष की आयु में स्ट्रोक के बाद निधन हो गया था।
क्या है आज का कार्यक्रम?
- सुबह 10 बजे (IST 1:30 PM) सेंट पीटर्स बेसिलिका के सामने अंतिम संस्कार की औपचारिकता शुरू हुई।
- पोप के शव को ताबूत में रखा जाएगा और फिर उन्हें रोम की सेंट मैरी मेजर बेसिलिका में दफनाया जाएगा। यहां दफन होने वाले वह पहले पोप होंगे।
कौन-कौन पहुंचा?
- भारत की ओर से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और गोवा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर जोशुआ डी सूजा रोम पहुंचे।
- अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मेलानिया ट्रंप, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्राजील के लूला दा सिल्वा और ब्रिटेन के प्रिंस विलियम भी मौजूद हैं।
- चीन, जिसके वैटिकन के साथ औपचारिक संबंध नहीं हैं, ने हांगकांग के कार्डिनल जोसेफ ज़ेन को रोम जाने की अनुमति दी। यह पोप फ्रांसिस के वैश्विक प्रयासों का प्रतीक है।
- रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन नहीं पहुंचे, लेकिन उनकी ओर से संस्कृति मंत्री शामिल हुए।
क्या खास रहा पोप फ्रांसिस का कार्यकाल?
- वह लैटिन अमेरिका से पहले पोप थे और उन्होंने गरीबों, शरणार्थियों और पर्यावरण के मुद्दों पर जोर दिया।
- उन्होंने इस्लाम, यहूदी और अन्य धर्मों के साथ संवाद बढ़ाया और चर्च को आधुनिक बनाने की कोशिश की।
अब क्या?
पोप के निधन के बाद अब कॉन्क्लेव (कार्डिनल्स की बैठक) होगी, जहां नए पोप का चुनाव किया जाएगा। यह प्रक्रिया अगले तीन हफ्तों में पूरी हो सकती है।
Swadesh News विश्लेषण: पोप फ्रांसिस ने दुनिया भर में शांति और सामाजिक न्याय का संदेश दिया। उनके जाने के बाद अब देखना होगा कि क्या उनका उत्तराधिकारी उनके रास्ते पर चलेगा या चर्च को नई दिशा देगा।
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