मध्य प्रदेश: मऊगंज जिले में शनिवार (15 मार्च) को पुलिस टीम पर हुए हमले में एक सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) की मौत हो गई। यह घटना गदरा गांव में हुई, जो जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर है। पुलिस ने हिंसा के संबंध में पांच लोगों को हिरासत में लिया है।
घटना का विवरण:
पुलिस के अनुसार, कोल जनजाति के कुछ सदस्यों ने सनी द्विवेदी नाम के व्यक्ति का अपहरण कर लिया। स्थानीय लोगों का आरोप था कि द्विवेदी ने कुछ महीने पहले आदिवासी अशोक कुमार की हत्या की थी। हालांकि, पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अशोक कुमार की मौत सड़क दुर्घटना में हुई थी।

जब पुलिस को द्विवेदी के अपहरण की सूचना मिली, तो शाहपुर थाना प्रभारी संदीप भारतीय के नेतृत्व में एक टीम उसे बचाने के लिए गदरा गांव पहुंची। लेकिन जब तक पुलिस वहां पहुंची, तब तक द्विवेदी की एक कमरे में पिटाई से मौत हो चुकी थी।
पुलिस पर हमला:
पुलिसकर्मियों ने जैसे ही कमरे का दरवाजा खोला, ग्रामीणों ने लाठी और पत्थरों से हमला कर दिया। इस हमले में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवाई फायरिंग की।
रीवा रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) साकेत पांडे ने बताया कि इस घटना में एएसआई चरण गौतम की मौत हो गई, जबकि अन्य पुलिसकर्मियों को हल्की चोटें आई हैं। घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान एएसआई गौतम ने दम तोड़ दिया।
स्थिति नियंत्रण में:
मौगंज कलेक्टर अजय श्रीवास्तव और पुलिस अधीक्षक रचना ठाकुर ने वीडियो संदेश जारी कर बताया कि क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू कर दी गई है, जो सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने से संबंधित है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और पुलिस का सहयोग करने की अपील की है।
फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। अधिकारी मामले की पूरी जांच कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।




