रिपोर्ट: उमंग पाण्डेय
Basti थाना नगर पुलिस, एसओजी (SOG) और सर्विलांस टीम की संयुक्त घेराबंदी में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। विदेश में नौकरी दिलाने के बहाने करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आरोपी मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं, जो उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में अपना जाल फैलाए हुए थे।

Basti घेराबंदी कर अकसड़ा चौराहे से हुई गिरफ्तारी
अपर पुलिस अधीक्षक श्यामकांत ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने अकसड़ा चौराहे से करीब 100 मीटर पहले संदिग्धों को घेरा। तलाशी के दौरान पुलिस को इनके पास से 9 पासपोर्ट, 10 फर्जी वीजा की छायाप्रति और 5 हजार रुपये नकद बरामद हुए। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान जहांगीर अंसारी और आजाद अंसारी (निवासी बिहार) के रूप में हुई है।

Basti दीवारों पर पोस्टर और गांव-गांव पर्चे: ठगी का ‘शातिर’ मॉडल
पूछताछ में आरोपियों ने ठगी के जिस तरीके का खुलासा किया, वह बेहद चौंकाने वाला है:
- अस्थायी ऑफिस: आरोपी घनी आबादी वाले इलाकों में कुछ समय के लिए ऑफिस किराए पर लेते थे।
- प्रचार का तरीका: गिरोह के सदस्य गांव-गांव जाकर पर्चे बांटते थे और दीवारों पर ‘विदेश में नौकरी’ के विज्ञापन चस्पा करते थे।
- भरोसा जीतना: पीड़ितों को यकीन दिलाने के लिए ये फर्जी वीजा तैयार करते और उन्हें दिल्ली तक बुलाते थे।
- पासपोर्ट जब्त करना: झांसे में लेकर ये लोगों के असली पासपोर्ट अपने पास रख लेते और डेढ़ लाख रुपये वसूलने के बाद रफूचक्कर हो जाते थे। दिल्ली पहुंचने के बाद पीड़ितों को पता चलता था कि वे ठगी का शिकार हो चुके हैं।
Basti पुलिस की रडार पर गिरोह के अन्य सदस्य

अपर पुलिस अधीक्षक ने पुलिस लाइन सभागार में प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जा रहा है। पुलिस अब इस गिरोह के पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है। आशंका जताई जा रही है कि इस गिरोह के तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं और कई अन्य लोग भी इस सिंडिकेट का हिस्सा हैं।
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