“जब सिस्टम फेल होता है, तो आम आदमी की जिंदगी दांव पर लग जाती है…”
Contents
आज सुबह पाकिस्तान के लाहौर स्थित अल्लामा इकबाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक भयानक आग लग गई। यह आग इतनी भीषण थी कि पूरा हवाई अड्डा ठप पड़ गया। सभी उड़ानों को रद्द कर दिया गया और सैकड़ों यात्री फंस गए।
क्या हुआ?
- सुबह करीब 10 बजे आग लगी, जिसके बाद धुआं पूरे टर्मिनल में फैल गया।
- आग एयरपोर्ट के एक्सप्रेसवे के पास लगी, जहां सफाई कर्मचारी काम कर रहे थे।
- अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन यात्रियों में भारी अफरातफरी मच गई।
पाकिस्तान की “तैयारी” का हाल
ये कोई पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान में किसी बुनियादी ढांचे में आग लगी हो। पिछले कुछ सालों में:
- कराची एयरपोर्ट पर विद्युत शॉर्ट सर्किट से आग।
- इस्लामाबाद के हॉस्पिटल में आग से नवजात शिशुओं की मौत।
- लाहौर के बाजारों में बार-बार आग लगने की घटनाएं।
सवाल ये है कि—क्या पाकिस्तान में अग्निशमन व्यवस्था और इमरजेंसी प्रोटोकॉल नाम की कोई चीज होती है?

यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं
- जिन लोगों ने महीनों पहले टिकट बुक किया था, वे अब फंसे हुए हैं।
- कोई अधिकारिक बयान नहीं कि उड़ानें कब शुरू होंगी।
- एयरपोर्ट पर भगदड़ की स्थिति, लोग अपने परिवारों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं।
क्या ये सिर्फ एक “दुर्घटना” है?
पाकिस्तान में ऐसी घटनाएं अक्सर लापरवाही और भ्रष्टाचार की वजह से होती हैं।
- नियमों की अनदेखी (जैसे—बिना सुरक्षा चेक के काम चलाना)।
- इंफ्रास्ट्रक्चर की खस्ता हालत (पुरानी वायरिंग, फायर सेफ्टी सिस्टम का अभाव)।
- जवाबदेही का अभाव (हादसे के बाद कोई जिम्मेदार नहीं ढूंढा जाता)।
क्या भारत को चिंता करनी चाहिए?
- भारत से लाहौर के लिए कई उड़ानें संचालित होती हैं।
- यदि आग सुरक्षा प्रोटोकॉल की कमी से लगी है, तो यह भारतीय यात्रियों के लिए भी खतरनाक हो सकता है।
- पाकिस्तान में इमरजेंसी मैनेजमेंट की कमी अक्सर बड़े हादसों को जन्म देती है।
अब क्या?
- पाकिस्तानी अधिकारी क्षति आकलन कर रहे हैं।
- यात्रियों को अन्य एयरपोर्ट्स से उड़ानें शुरू करने की बात कही जा रही है।
- लेकिन असली सवाल ये है कि क्या पाकिस्तान सरकार इन घटनाओं से सबक लेगी, या फिर अगली बार फिर किसी और हादसे का इंतजार करेगी?
नोट: अगर आप या आपका कोई परिचय पाकिस्तान यात्रा करने वाला है, तो एयरपोर्ट स्थिति की जांच कर लें।




