संसद का शीतकालीन सत्र लगातार जारी है। लेकिन विपक्ष के प्रदर्शन के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्रवाई लगातार प्रभावित हो रही है। हंगामे के बीच ही इंडिया अलायंस ने सभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया है। इस बात की पुष्टि कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर की है। मंगलवार को एक बार फिर राज्यसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।
For the first time in the 72-year history of the Rajya Sabha, Opposition Parties have formally submitted a no-confidence motion against the Chairman.
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) December 10, 2024
There have been three occasions, however, when a no-confidence motion has been moved against the Speaker of the Lok Sabha. pic.twitter.com/DHjo5vqL2K
इंडिया गठबंधन के प्रस्ताव के समर्थन में अब तक 70 सांसद अविश्वास प्रस्ताव पर साइन कर चुके है। इसमें कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके, आरजेडी, आम आदमी पार्टी शामिल है। सदन की कार्यवाही के दौरान गठबंधन में तकरार भी देखने को मिली क्योंकि विपक्ष को तृणमूल कांग्रेस का समर्थन नहीं मिला और ममता बनर्जी की पार्टी ने सदन से वॉकआउट कर दिया। संख्या बल के आधार पर देखा जाए तो इस अविश्वास प्रस्ताव के गिरने की आशंका है, लेकिन एक बार फिर विपक्ष यह साबित करना चाहता है कि, सभापति उनके साथ पक्षपात कर रहे है। इससे पहले अगस्त में भी विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव पर विचार किया था।
दिग्विजय सिंह ने साधा निशाना
संसद के बाहर कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘मैंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में कभी इतना पक्षपाती सभापति नहीं देखा है। वे सत्ता पक्ष के सांसदों को नियम के विपरीत बोलने की छूट देते हैं, जबकि विपक्षी सांसदों को चुप कराते हैं।
केंद्र सरकार अडाणी को बचा रही: प्रमोद तिवारी
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि मैं केंद्र सरकार पर आरोप लगा रहा हूं कि उन्होंने सदन को कमजोर किया है। मैंने आज तक नहीं देखा कि प्रश्नकाल में सरकार के सारे लोग खड़े हो जाएं और जवाब न आने दें। मेरा सवाल लगा हुआ था, लेकिन मुझे सवाल पूछने की इजाजत नहीं मिली।





