खाद संकट पर सरकार का दावा – “पूरी तरह नियंत्रण में है स्थिति”
विशेष संवाददाता: आकाश सेन, अपडेट: योगानंद श्रीवास्तव
भोपाल, 1 अगस्त 2025 मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पांचवे दिन विपक्षी कांग्रेस विधायकों ने मंत्री विजय शाह के खिलाफ जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। सदन में हंगामे के चलते विधानसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित हुई और अंत में स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर ने कार्यवाही 4 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी।
हंगामे की वजह:
प्रश्नकाल के दौरान जैसे ही मंत्री विजय शाह विभागीय जवाब देने पहुंचे, विपक्षी विधायक उग्र हो गए। ‘विजय शाह इस्तीफा दो’ के नारों के बीच सत्ता और विपक्ष में तीखी बहस हुई। स्थिति बिगड़ते देख स्पीकर को कार्यवाही पहले 10 मिनट और फिर आधे घंटे के लिए स्थगित करनी पड़ी।
प्रश्नकाल की मुख्य बातें:
- बीजेपी विधायक नीरज सिंह ठाकुर ने दिव्यांग योजनाओं पर सवाल उठाया।
- मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने जवाब दिया: “समस्याओं के समाधान के लिए कैलेंडर बनाया गया है, पेंशन बढ़ाने का मामला विचाराधीन है।”
- बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पहली बार प्रश्न पूछा – “उपयंत्री और सहायक यंत्री पदों की जानकारी मांगी।”
विपक्ष का आंदोलन:
सदन में हंगामा कर रहे कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने मंत्री विजय शाह का इस्तीफा मांगते हुए कहा:
“भोपाल गैस त्रासदी जैसे गंभीर मामले में संलिप्त मंत्री को पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है।”
बाहर प्रदर्शन:
कांग्रेस विधायकों ने सदन के बाहर गांधी प्रतिमा के सामने खाद की बोरियों के साथ प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि किसानों को खाद नहीं मिल रही।
नेताओं के बयान
रामेश्वर शर्मा, बीजेपी विधायक
“कांग्रेस का बीज ही खराब है, जनता न खाद देना चाहती है, न बीज। वो अब सिर्फ खरपतवार बन चुकी है।”
एदल सिंह कंसाना, कृषि मंत्री
“प्रदेश में खाद की कोई किल्लत नहीं है। नैनो खाद जबरन नहीं दी जा रही, किसान स्वेच्छा से ले रहे हैं।”
विश्वास सारंग, सहकारिता मंत्री
“खाद की एडवांस स्टोरेज सफल रही है। कांग्रेस के आरोप निराधार हैं। किसी किसान से जबरदस्ती नहीं हो रही है।”
“गैस त्रासदी का मामला हाईकोर्ट में है। कांग्रेस इसे जानबूझकर राजनीतिक रंग दे रही है। राहुल गांधी संसद में पाकिस्तान-चीन की भाषा बोल रहे हैं, इससे सेना का मनोबल गिरता है।”
कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री
“प्रदेश अध्यक्ष द्वारा सरकार से प्रश्न पूछना हमारे लोकतंत्र की सादगी और पारदर्शिता का प्रतीक है।”
कांग्रेस विधायक रामकिशोर दोगने ने कहा:
“हमारे किसान अन्नदाता हैं। उन्हें खाद के लिए तरसाया जा रहा है, इसलिए हमने बोरी सिर पर उठाकर विरोध दर्ज कराया।”
मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र सत्ता-विपक्ष के तीखे टकराव के बीच गरमा गया है। मंत्री विजय शाह का मामला और किसानों को खाद की आपूर्ति जैसे विषयों पर विपक्ष का तेवर तीखा है, वहीं सरकार इसे निराधार और भ्रामक बता रही है।





