BY: Yoganand Shrivastva
नई दिल्ली: भारत आतंकवाद के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान की असलियत उजागर करने की योजना के तहत एक बहुदलीय सांसद प्रतिनिधिमंडल को विदेश यात्रा पर भेजने की तैयारी कर रहा है। इस प्रतिनिधिमंडल का मकसद ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को वैश्विक स्तर पर साझा करना और पाकिस्तान में चल रही आतंकी गतिविधियों की जानकारी देना है। इस बीच, भोपाल से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे सांसद शशि थरूर को एक महत्वपूर्ण पत्र लिखा है।
विधायक का गंभीर आरोप और सुझाव
अपने पत्र में आरिफ मसूद ने ध्यान दिलाया है कि मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री विजय शाह द्वारा सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के लिए “आतंकवादी की बहन” जैसी टिप्पणी की गई थी, जो न केवल अपमानजनक है बल्कि समाज में नफरत फैलाने वाली भी है। मसूद के अनुसार, इस तरह की बयानबाजी से देश की एकता और सुरक्षा नीति की साख पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठ सकते हैं।
उन्होंने लिखा, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि मंत्री के इस बयान के बावजूद अब तक न तो उन्हें हटाया गया है और न ही उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई की गई है। यहां तक कि जबलपुर हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया, तो भी राज्य सरकार ने चुप्पी साध रखी है। सुप्रीम कोर्ट ने भी हाई कोर्ट के इस आदेश को रद्द नहीं किया है।”
भारत की छवि पर असर की आशंका
आरिफ मसूद ने आशंका जताई कि विदेश यात्रा के दौरान अंतरराष्ट्रीय मीडिया इस मुद्दे को उठा सकता है और पूछ सकता है कि जब भारत खुद अपने मंत्रियों की इस प्रकार की टिप्पणियों पर कार्रवाई नहीं करता, तो वह आतंकवाद के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता को कैसे सही ठहरा सकता है?
थरूर से की खास अपील
कांग्रेस विधायक ने अपने पत्र में अपील की कि शशि थरूर भारत सरकार से इस मामले में स्पष्ट रुख लेने की मांग करें। उनका मानना है कि यदि भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति को विश्वसनीय बनाना है, तो उसे अपने ही नेताओं की जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी।
उन्होंने लिखा, “आपके वक्तव्यों और दृष्टिकोण से न केवल भारत की वैश्विक छवि मजबूत होगी बल्कि यह संदेश भी जाएगा कि भारत लोकतांत्रिक मूल्यों और विविधता में एकता की भावना को प्राथमिकता देता है।”





