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नवंबर में टूटा 84 साल का ठंड का रिकॉर्ड, दिसंबर में भी ठंड का कहर: MP में 5 डिग्री से नीचे तापमान का अनुमान

BY: Yoganand Shrivastva

मध्य प्रदेश में इस बार नवंबर की ठंड ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। भोपाल में 17 नवंबर को तापमान 5.2 डिग्री तक गिरा, जो पिछले 84 साल में सबसे कम रिकॉर्ड है। वहीं, इंदौर में भी 25 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी। मौसम विभाग के अनुसार दिसंबर में कई शहरों में रात का तापमान 5 डिग्री से नीचे रहने की संभावना है और कोल्ड वेव का असर महसूस होगा। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग इसके सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र रहेंगे। हालांकि, अगले दो दिन तक तेज ठंड में थोड़ी राहत मिलने की संभावना है।

कड़ाके की ठंड का ट्रेंड
प्रदेश में हर साल दिसंबर से जनवरी तक कड़ाके की ठंड पड़ती है। पिछले 10 साल के आंकड़े भी यही बताते हैं। इस बार भी ठंडी हवाओं का असर ज्यादा होगा, खासकर उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग में। ठंड की तीव्रता का मुख्य कारण बर्फीली हवाओं का सीधे आना है।

नवंबर में रिकॉर्ड तोड़ ठंड
नवंबर में लगातार 15 दिन तक भोपाल में शीतलहर चली, जो साल 1931 के बाद सबसे लंबी शीतलहर थी। 17 नवंबर की रात तापमान 5.2 डिग्री पर पहुंच गया, जबकि इससे पहले 30 नवंबर 1941 को 6.1 डिग्री रिकॉर्ड था। इंदौर में भी रात का तापमान 6.4 डिग्री तक गिरा, जो पिछले 25 साल में सबसे कम रहा।

सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, उत्तरी राज्यों में नवंबर के पहले सप्ताह में बर्फबारी के कारण ठंडी हवाएं प्रदेश तक पहुंचीं। आखिरी सप्ताह में हवा की दिशा बदलने से ठंड का असर थोड़ा कम हुआ।

स्कूलों की टाइमिंग पर असर
कड़ाके की ठंड के कारण नवंबर में भोपाल समेत कई जिलों में स्कूलों की समय-सारणी बदलनी पड़ी।

दिसंबर और जनवरी में ठंड का असर
मौसम विभाग के अनुसार, दिसंबर और जनवरी में प्रदेश में उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट होती है और कोल्ड वेव महसूस होती है। पिछले 10 साल के आंकड़े भी इसी ट्रेंड की पुष्टि करते हैं। इसके साथ ही वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के सक्रिय होने से दिन में भी ठंड का असर बढ़ जाता है।

ठंड का अनुमानित असर

  • ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग: बर्फीली हवाओं के कारण कड़ाके की ठंड।
  • भोपाल संभाग: सीहोर और विदिशा में ठंड का जोर।
  • सागर संभाग: निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़-पन्ना में तेज ठंड।
  • रीवा संभाग: मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में कड़ाके की ठंड।
  • जबलपुर संभाग: मंडला और डिंडौरी में ठंड का असर।
  • इंदौर संभाग: इंदौर, धार और झाबुआ में कड़ाके की ठंड।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, दिसंबर में कई शहरों में 20 से 22 दिन तक कोल्ड वेव का असर रहने की संभावना है।

MP के बड़े शहरों में दिसंबर का ट्रेंड
भोपाल में सबसे कम तापमान 3.1 डिग्री रिकॉर्ड किया जा चुका है। पिछले 10 वर्षों में, दिसंबर में कई बार दिन-रात ठंड और हल्की बारिश रही है। 11 दिसंबर 1966 की रात में पारा 3.1 डिग्री तक गिरा था, जो अब तक का ओवरऑल रिकॉर्ड है।

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