BY
Yoganand Shrivastava
New Delhi : उत्तर भारत में पिछले कुछ दिनों से बढ़ रहे तापमान और खिलती धूप के बीच मौसम एक बार फिर पलटी मारने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि एक सक्रिय ‘पश्चिमी विक्षोभ’ (Western Disturbance) के प्रभाव से अगले 48 घंटों में मैदानी इलाकों में बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी होने की संभावना है।
17 और 18 फरवरी को बरसेंगे बादल
New Delhi मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार और बुधवार (17-18 फरवरी) को उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। इस दौरान बादल गरजने, बिजली कड़कने और तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। इस बारिश के चलते पिछले कुछ दिनों से बढ़ रहे दिन के तापमान में एक बार फिर गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को हल्की सिहरन का अहसास होगा।
पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानों में कोहरे का असर
New Delhi पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में इस विक्षोभ का असर 16 फरवरी की रात से ही दिखने लगेगा। पहाड़ों में भारी बर्फबारी के चलते ऊंचाई वाले इलाकों में जनजीवन प्रभावित हो सकता है। वहीं, मैदानी इलाकों में बारिश के साथ-साथ सुबह के समय मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की भी संभावना है। दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों, जैसे तमिलनाडु में अभी भी कोहरे की मोटी परत देखी जा रही है, जिससे दृश्यता (Visibility) कम होने के कारण यातायात पर असर पड़ रहा है।
क्या है ‘पश्चिमी विक्षोभ’ और क्यों बदलता है मौसम?
New Delhi पश्चिमी विक्षोभ एक भूमध्यसागरीय क्षेत्र से उत्पन्न होने वाला चक्रवाती तूफान है, जो सर्दियों के मौसम में भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में प्रवेश करता है। यह एक कम दबाव वाली प्रणाली होती है जो अपने साथ नमी लेकर आती है। इसके सक्रिय होने से हिमालयी क्षेत्रों में अचानक बर्फबारी और मैदानी राज्यों जैसे दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में बेमौसम बारिश देखने को मिलती है।





