रिपोर्ट- मूलचंद
नीमच: एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में मंदसौर निवासी युवक को झूठा फंसाने के आरोप को लेकर नाराज़ परिजन और ग्रामीण गुरुवार को केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो, नीमच कार्यालय पहुंच गए। यहां उन्होंने विभागीय अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आरोपी बनाए गए गोवर्धन सिंह को तुरंत रिहा किए जाने की मांग उठाई।

परिवार और ग्रामीणों का आरोप है कि नारकोटिक्स विभाग ने दिनेश पोरवाल नामक व्यक्ति को नोटिस जारी किया था, और इसी दौरान गोवर्धन सिंह भी उसके साथ नीमच कार्यालय आया था। लेकिन नोटिस पाने वाले को छोड़ दिया गया और उल्टा निर्दोष गोवर्धन सिंह को ही आरोपी बना दिया गया।

इस पूरे विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किसान नेता श्यामलाल जोगचंद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विभाग की कार्रवाई संदिग्ध है और निष्पक्ष जांच कर निर्दोष व्यक्ति को रिहा किया जाए। नारकोटिक्स विभाग के अधिकारी आर.के. रजत ने मामले में जांच करवाने की बात कही है।
गौरतलब है कि नीमच–मंदसौर क्षेत्र में नारकोटिक्स विभाग पर कई बार मनमानी और कथित झूठे प्रकरण दर्ज करने के आरोप पहले भी लग चुके हैं।




