रिपोर्टर: मूलचंद खींची
मध्यप्रदेश के नीमच जिले में गुरुवार सुबह खिमला स्थित ग्रीनको पावर प्लांट के बाहर बड़ा बवाल हो गया। 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस पावर जनरेशन प्रोजेक्ट में तब तनाव फैल गया जब प्लांट से जुड़ी एक बस ने बाइक सवार तीन मजदूरों को टक्कर मार दी।
- हादसे में 28 वर्षीय मजदूर लच्छू राम की मौके पर ही मौत हो गई।
- दो अन्य मजदूर गोविंद (27) और अनिल मीणा (18) गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे के बाद हिंसा और आगजनी
हादसे की खबर फैलते ही ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। देखते ही देखते सैकड़ों लोग मौके पर जुट गए और बस में आग लगा दी। इसके बाद आक्रोशित भीड़ खिमला प्लांट के अंदर घुस गई और तोड़फोड़ शुरू कर दी।
- ग्रामीणों ने नीमच-झालावाड़ मार्ग पर चक्काजाम कर दिया।
- कई वाहन इस जाम में फंस गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई
स्थिति बिगड़ते देख तहसीलदार मृगेंद्र सिसौदिया और रामपुरा थाना प्रभारी विजय सगारिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने भीड़ को शांत करने और हालात पर काबू पाने की कोशिश शुरू की।
फिलहाल पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया है, लेकिन खिमला पावर प्लांट और आसपास के इलाके में तनाव बना हुआ है।
क्यों भड़का गुस्सा?
स्थानीय लोगों का कहना है कि खिमला प्लांट के पास आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं, लेकिन कंपनी और प्रशासन की ओर से सुरक्षा इंतजाम नहीं किए जा रहे। यही वजह है कि इस बार गुस्सा उग्र रूप में सामने आया।
नीमच का यह मामला सिर्फ एक सड़क हादसे तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीणों और कंपनी के बीच लगातार बढ़ते तनाव का संकेत भी देता है। प्रशासन के लिए यह जरूरी है कि सुरक्षा और रोजगार दोनों के संतुलन को साधते हुए स्थानीय लोगों की चिंताओं का समाधान निकाला जाए।





