रिपोर्ट: ऋषभ कुमार
Nawada रजौली वन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सवैयाटांड़ पंचायत में वन विभाग ने अवैध खनन माफियाओं के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सोमवार की देर रात वन विभाग की विशेष टीम ने ललकी अभ्रक माइंस क्षेत्र में छापेमारी कर अवैध पत्थरों से लदी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया। विभाग की इस औचक कार्रवाई ने वन क्षेत्र में सक्रिय संगठित सिंडिकेट की कमर तोड़ दी है।

देर रात रेंजर की अगुवाई में हुई ‘जीरो ऑवर’ कार्रवाई
Nawada वन परिक्षेत्र पदाधिकारी (रेंजर) नारायण लाल सेवक को गुप्त सूचना मिली थी कि ललकी माइंस क्षेत्र में रात के अंधेरे का फायदा उठाकर पत्थरों और अभ्रक का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। रेंजर के नेतृत्व में टीम ने जब छापेमारी की, तो वहां भगदड़ मच गई।
- फरार हुए माफिया: अंधेरे और भौगोलिक स्थिति का लाभ उठाकर चालक और मजदूर भागने में सफल रहे।
- बरामदगी: विभाग ने मौके से पत्थरों से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली को अपने कब्जे में लेकर रजौली वन परिसर लाया है।
- कानूनी कार्रवाई: रेंजर ने बताया कि ट्रैक्टर मालिक की पहचान की जा रही है और वन अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत कठोर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
Nawada सवैयाटांड़ का ‘खदान तंत्र’: माफियाओं का संगठित नेटवर्क
Nawada रजौली का सवैयाटांड़ क्षेत्र प्राकृतिक संपदा, विशेषकर कीमती अभ्रक और पत्थरों के लिए जाना जाता है। ललकी और शारदा माइंस जैसे दर्जनों स्थानों पर माफियाओं ने अपना जाल फैला रखा है। स्थानीय सूत्रों की मानें तो:
- माफियाओं को कुछ रसूखदार स्थानीय तत्वों का संरक्षण प्राप्त है।
- संगठित गिरोह रात में अवैध खुदाई कर सरकारी राजस्व और पर्यावरण को भारी क्षति पहुँचा रहे हैं।
- विभाग अब उन ‘सफेदपोश’ सरगनाओं की कुंडली खंगाल रहा है, जो पर्दे के पीछे रहकर इस अवैध कारोबार को ऑपरेट करते हैं।
विभागीय चेतावनी: खनन माफियाओं के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’
Nawada इस कार्रवाई के बाद रजौली वन विभाग ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि संरक्षित वन क्षेत्रों में प्राकृतिक संपदा की लूट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रेंजर नारायण लाल सेवक ने चेतावनी दी है कि:
- आने वाले दिनों में सभी संदिग्ध खदानों पर निगरानी और अधिक सख्त की जाएगी।
- यह अभियान केवल वाहन जब्ती तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मुख्य सरगनाओं की गिरफ्तारी भी सुनिश्चित की जाएगी। स्थानीय ग्रामीणों ने विभाग की इस सक्रियता की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि इससे जंगली क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा बहाल होगी।





