Mohit Jain
National Herald case: नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग केस में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की शिकायत पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया है।
National Herald case: कोर्ट ने क्यों खारिज की ED की शिकायत
राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज (पीसी एक्ट) विशाल गोगने ने अपने आदेश में कहा कि यह मामला किसी FIR पर आधारित नहीं है, बल्कि दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 200 के तहत दायर एक निजी शिकायत से जुड़ा है। ऐसे में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत ED की ओर से दायर शिकायत विचार योग्य नहीं है।
कोर्ट की अहम टिप्पणी
कोर्ट ने कहा कि इस मामले में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) पहले ही FIR दर्ज कर चुकी है। ऐसे में ED की दलीलों पर फैसला देना जल्दबाजी और गलत होगा। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि चूंकि जांच जारी है, इसलिए ED आगे अपनी दलीलें पेश कर सकती है।
क्या है नेशनल हेराल्ड मामला

नेशनल हेराल्ड केस BJP नेता सुब्रमण्यम स्वामी की शिकायत से जुड़ा है। उन्होंने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं पर एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की करीब 2000 करोड़ रुपए की संपत्तियों को हड़पने का आरोप लगाया था। आरोप है कि इसके लिए यंग इंडियन लिमिटेड नाम की संस्था बनाई गई, जिसमें गांधी परिवार की बहुमत हिस्सेदारी है, और इसके जरिए AJL का अधिग्रहण किया गया।
इस मामले में सुमन दुबे, सैम पित्रोदा, यंग इंडियन, डोटेक्स मर्चेंडाइज और सुनील भंडारी भी आरोपी हैं। मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीज का निधन हो चुका है।
ED की पूछताछ और कार्रवाई

ED ने जून 2022 में राहुल गांधी से लगातार पांच दिनों तक करीब 50 घंटे पूछताछ की थी। वहीं, सोनिया गांधी से जुलाई 2022 में तीन दिनों में करीब 12 घंटे सवाल-जवाब हुए थे।
अप्रैल में ED ने AJL की 661 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियों को कब्जे में लेने के लिए नोटिस जारी किया था। इसके अलावा नवंबर 2023 में AJL के 90.2 करोड़ रुपए के शेयर भी कुर्क किए गए थे।
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