नागपुर, महाराष्ट्र में हाल ही में हुए हिंसक घटनाक्रम के संबंध में शुक्रवार (21 मार्च) को 14 और लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही इस मामले में कुल गिरफ्तारी की संख्या 105 हो गई है। गिरफ्तार किए गए लोगों में 10 नाबालिग भी शामिल हैं, जो इस घटना की गंभीरता को दर्शाता है।
पुलिस ने इस घटना से जुड़े तीन नए प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज किए हैं। यह हिंसा 17 मार्च को शुरू हुई थी, जब अफवाह फैली कि विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के नेतृत्व में हुए एक प्रदर्शन के दौरान कुरान की एक आयत लिखी हुई चादर जला दी गई थी। यह प्रदर्शन चhatrapati संभाजीनगर जिले में औरंगजेब के मकबरे को हटाने की मांग को लेकर किया गया था। इसके बाद नागपुर के कई इलाकों में पथराव और आगजनी की घटनाएं हुईं।
नागपुर पुलिस आयुक्त रवींद्र कुमार सिंघल ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा, “दंगों से जुड़े 14 आरोपियों को शहर के विभिन्न हिस्सों से गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा, तीन नए एफआईआर दर्ज किए गए हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि कर्फ्यू को हटाने का फैसला एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद किया जाएगा।
आयुक्त सिंघल ने स्थिति का जायजा लेने के लिए सिविल लाइंस स्थित पुलिस भवन में एक बैठक की। उन्होंने बताया कि नंदनवन और कपिल नगर पुलिस स्टेशन सीमा में कर्फ्यू को आंशिक रूप से हटा दिया गया है। यह फैसला जनता की सुविधा और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
लकड़गंज, पचपौली, शांतिनगर, सक्करदारा और इमामबाड़ा इलाकों में कर्फ्यू को दो घंटे के लिए (दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक) ढीला किया गया, ताकि लोग जरूरी सामान खरीद सकें।
इस हिंसा में 33 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें तीन डीसीपी रैंक के अधिकारी भी शामिल हैं। मुख्य आरोपी फहीम खान के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया है।
इससे पहले, नागपुर की एक स्थानीय अदालत ने हिंसा से जुड़े 17 आरोपियों को पुलिस हिरासत में भेज दिया था। अदालत ने यह फैसला आरोपियों के खिलाफ मजबूत सबूत और अपराध की गंभीरता को देखते हुए लिया था।
महत्वपूर्ण बिंदु:
- 105 लोग गिरफ्तार, जिनमें 10 नाबालिग शामिल।
- तीन नए एफआईआर दर्ज किए गए।
- 33 पुलिसकर्मी घायल, तीन डीसीपी रैंक के अधिकारी भी शामिल।
- मुख्य आरोपी फहीम खान के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज।
- कर्फ्यू आंशिक रूप से हटाया गया, कुछ इलाकों में दो घंटे की छूट।
यह घटना नागपुर में तनावपूर्ण स्थिति पैदा कर चुकी है, और पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।
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