Report: Anuj Saini
Muzaffarnagar मुजफ्फरनगर के नई मंडी कोतवाली क्षेत्र में पुलिस ने एक संगठित गिरोह को दबोचा है, जो संपन्न लोगों और चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों को झूठे मामलों में फंसाकर ब्लैकमेल करता था। शनिवार को मिली एक शिकायत के बाद एसएसपी संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गैंग की मुख्य महिला सदस्य सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गैंग का एक सदस्य अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
प्रधानी चुनाव के उम्मीदवारों को बनाते थे निशाना
Muzaffarnagar एसएसपी संजय कुमार वर्मा के अनुसार, इस गैंग का काम करने का तरीका बेहद शातिर था। ये लोग अक्सर ग्राम प्रधानी या अन्य स्थानीय चुनावों में सक्रिय हो जाते थे। गिरोह की महिला सदस्य पहले संपन्न उम्मीदवार से संपर्क बढ़ाकर उसे अपने जाल में फंसाती थी। इसके बाद गैंग के अन्य सदस्य सक्रिय होकर पीड़ित पर छेड़छाड़ या दुष्कर्म का झूठा मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देते थे। इनका मुख्य उद्देश्य या तो उम्मीदवार को चुनाव लड़ने से रोकना होता था या फिर समझौते के नाम पर उनसे लाखों रुपये की वसूली करना था।
कानूनी प्रक्रिया का हथियार के रूप में इस्तेमाल
Muzaffarnagar पुलिस पूछताछ में सामने आया कि यह गैंग एफआईआर दर्ज कराने के बाद पीड़ित को बुरी तरह डराता था। जब पीड़ित मोटी रकम देने को तैयार हो जाता, तो महिला कोर्ट में अपने बयान (बीएनएस की धारा 183 के तहत) बदल देती थी और आरोपी के पक्ष में गवाही देकर मामला रफा-दफा करवा लेती थी। मुजफ्फरनगर के नई मंडी, सिखेड़ा और सिविल लाइंस के अलावा इस गिरोह के खिलाफ पड़ोसी राज्य उत्तराखंड के हरिद्वार जनपद में भी कई मुकदमे दर्ज पाए गए हैं।
गैंग के सदस्य और पुलिस की कार्रवाई
Muzaffarnagar पुलिस ने इस मामले में आफताब, रियासत, साजिद और एक महिला (वरजीना) को गिरफ्तार किया है। रियासत का भाई परवेज अभी फरार है। इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। एसपी सिटी और सीओ नई मंडी के नेतृत्व में गठित टीम ने इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस अब उन अन्य लोगों की सूची तैयार कर रही है जो इस गैंग की ब्लैकमेलिंग का शिकार हुए थे लेकिन लोक-लाज के डर से सामने नहीं आए।





