Isa Ahmad
Report- Anuj Saini
Muzaffar Nagar: दिनांक 03 जनवरी 2026 को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के सैकड़ों–हजारों कार्यकर्ताओं ने एसएसपी कार्यालय का घेराव कर धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन जनपद में फैक्ट्रियों में आरडीएफ के नाम पर कूड़ा-कचरा जलाए जाने और बढ़ते प्रदूषण के विरोध में किया गया था।
धरना-प्रदर्शन के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब संगठन द्वारा एसएसपी कार्यालय पर लगाए गए बैनर को हटाने की बात सिविल लाइंस इंस्पेक्टर आशुतोष ने कही। इसी बात को लेकर संगठन के प्रदेश युवा उपाध्यक्ष दिगंबर सिंह भड़क गए और माइक से पुलिस को खुलेआम धमकी देते हुए कहा कि “वर्दी फाड़ देंगे, नहीं तो गोली चलाओ, लाठी चलाओ, जेल भेजो, जो करना है कर लो।” उन्होंने यहां तक कह दिया कि “तुम्हारे डीएम उमेश कुमार मिश्रा को भी हमने बिजनौर से समझाकर भेजा था, पूछ लो उनसे।” इस बयान के बाद मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।
हालांकि, पुलिस की सख्ती और वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद कुछ ही देर में हालात काबू में आ गए। थोड़ी देर बाद वही दिगंबर सिंह अधिकारियों के सामने खुले मंच से माफी मांगते नजर आए। उन्होंने कहा कि यदि उनके शब्दों से पुलिस या प्रशासन की गरिमा को ठेस पहुंची है तो वे उसके लिए तह-दिल से क्षमा प्रार्थी हैं और पुलिस का सम्मान करते हैं।
वहीं, भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आरडीएफ और प्रदूषण का मुद्दा जनमानस से जुड़ा हुआ है, जिसको लेकर लोगों में भारी गुस्सा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन शांतिपूर्ण था और संगठन पुलिस या प्रशासन के खिलाफ नहीं है, बल्कि प्रदूषण के खिलाफ आवाज उठा रहा है। उन्होंने संगठन पर लगाए गए रंगदारी जैसे आरोपों को निराधार बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद धरना-प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हुआ। पुलिस प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। घटना ने एक बार फिर किसान आंदोलनों, प्रदूषण के मुद्दे और प्रशासन के साथ टकराव को लेकर जिले में सियासी और सामाजिक बहस को तेज कर दिया है।





