BY
Yoganand Shrivastava
Mumbai मुंबई के विक्रोली से एक ऐसी दुखद खबर सामने आई है जिसने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गणतंत्र दिवस की खुशियों के बीच टैगोर नगर इलाके में उस वक्त मातम छा गया, जब एक भारी-भरकम लाउडस्पीकर की चपेट में आने से 3 वर्षीय मासूम की जान चली गई। पुलिस ने इस मामले में आयोजकों की बड़ी लापरवाही मानते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
कैसे हुआ यह हृदयविदारक हादसा?
Mumbai यह घटना 26 जनवरी की है, जब पूरा देश गणतंत्र दिवस मना रहा था। विक्रोली के आंबेडकर नगर में एक कार्यक्रम के लिए सड़क किनारे ऊंचे और भारी लाउडस्पीकर लगाए गए थे। चश्मदीदों और सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, लाउडस्पीकर के कनेक्शन के तार सड़क पर असुरक्षित तरीके से फैले हुए थे। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक कबाड़ बीनने वाले व्यक्ति के पैर में बिजली का तार उलझ गया। उसने जैसे ही पैर झटककर खुद को छुड़ाने की कोशिश की, तार के खिंचाव से दोनों भारी स्पीकर अपना संतुलन खो बैठे और सीधे वहां से गुजर रही बच्ची के ऊपर जा गिरे।
सीसीटीवी में कैद हुई ‘काल’ की तस्वीर
Mumbai हादसे का मंजर पास में लगे एक सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि बच्ची बेफिक्र होकर सड़क पर दौड़ रही थी, तभी अचानक ऊपर से गिरे स्पीकरों ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। वहां मौजूद लोग तुरंत बच्ची को उठाकर अस्पताल ले गए, लेकिन चोट इतनी गंभीर थी कि डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। इस फुटेज के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में आयोजकों की लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश है।
आयोजकों पर FIR और पुलिसिया कार्रवाई
Mumbai इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विक्रोली पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस ने कार्यक्रम के आयोजकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर बिना उचित सुरक्षा इंतजामों के भारी उपकरण लगाना और बिजली के तारों को खुला छोड़ देना एक दंडनीय अपराध है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच जारी है और जो भी इस चूक के लिए जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।
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