भोपाल, 31 मार्च 2025 – अप्रैल महीने की शुरुआत में मध्य प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के 40 से अधिक जिलों में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। हालांकि इससे गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन कई इलाकों में फसलों व संपत्ति को नुकसान का खतरा भी बना हुआ है।
अप्रैल में असामान्य मौसम: गर्मी की जगह बारिश और ओले
सामान्यतः अप्रैल में चिलचिलाती गर्मी पड़ती है, लेकिन इस बार राज्य में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की संभावना है। 1 अप्रैल (सोमवार) से मौसम खराब होना शुरू होगा, जिसमें रतलाम, मंदसौर, अलीराजपुर और बड़वानी में हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में पहले दिन धूप रहेगी, लेकिन बाद में मौसम बिगड़ेगा।

2-3 अप्रैल को ओलावृष्टि और आंधी की चेतावनी
मंगलवार (2 अप्रैल) से मौसम और खराब होगा। IMD ने निम्न जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है:
- नर्मदापुरम, बैतूल, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, धार, अनूपपुर, डिंडोरी और बालाघाट
इसके अलावा, तेज हवाएं (40-50 किमी/घंटा) चलने की आशंका है:
- हरदा, खरगोन, छिंदवाड़ा, पंढुरना
- मध्यम हवाएं (30-40 किमी/घंटा) भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, झाबुआ और सागर में चल सकती हैं।
3 अप्रैल को बैतूल में फिर से ओलावृष्टि हो सकती है, जबकि खंडवा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, शहडोल, उमरिया और छिंदवाड़ा में 50 किमी/घंटा तक तेज हवाएं चल सकती हैं। भोपाल, विदिशा और 24 अन्य जिलों में हल्की से मध्यम हवाएं रहेंगी।
बारिश के बावजूद बढ़ रहा है तापमान
हालांकि बारिश की संभावना है, लेकिन रविवार (30 मार्च) को राज्य में तापमान बढ़ा था। मंडला में सबसे ज्यादा 39°C तापमान दर्ज किया गया, जबकि अन्य शहरों में तापमान रहा:
- भोपाल: 35.8°C
- इंदौर: 36.8°C
- ग्वालियर: 35.3°C
- उज्जैन: 36.8°C
- जबलपुर: 35.8°C
मौसम में यह अचानक बदलाव महाराष्ट्र और कोंकण क्षेत्र में बने चक्रवाती हवाओं के कारण आया है, जो अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी खींच रहा है। इससे दक्कन पठार पर एक दबाव का क्षेत्र बना है, जो मध्य प्रदेश में अस्थिर मौसम ला रहा है।
सावधानी बरतने की सलाह
IMD ने ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि:
- ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हो सकता है।
- तेज हवाओं से बिजली कटौती की समस्या हो सकती है।
- निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है।
- यातायात प्रभावित हो सकता है।
किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के उपाय करने चाहिए, जबकि यात्रियों को मौसम अपडेट चेक करके ही निकलना चाहिए।
आने वाले दिनों में क्या रहेगा मौसम?
- 1 अप्रैल: पश्चिमी जिलों में हल्की बारिश, मध्य MP में धूप।
- 2-3 अप्रैल: 40 से अधिक जिलों में भारी बारिश, ओले और आंधी।
- 4 अप्रैल: मौसम सुधर सकता है, लेकिन कहीं-कहीं बारिश जारी रह सकती है।





