MP PWD : 71 हजार किमी सड़कों, 1400 से ज्यादा पुल और हजारों भवनों का डिजिटल सर्वे; अब डेटा आधारित होंगे फैसले
by: vijay nandan
भोपाल, मध्य प्रदेश के लोक निर्माण विभाग (PWD) ने अधोसंरचना विकास को नई दिशा देने के लिए तकनीक आधारित बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने “लोक निर्माण सर्वेक्षण ऐप” और GIS आधारित रोड नेटवर्क मास्टर प्लान लॉन्च कर कार्य प्रणाली में डिजिटल नवाचार की शुरुआत की है।
MP PWD : डेटा आधारित प्लानिंग की ओर बड़ा बदलाव
PWD ने पाया कि सड़कों, पुलों और भवनों से जुड़े सटीक डेटा के अभाव में योजनाएं अनुमान पर आधारित होती थीं। इस समस्या के समाधान के लिए विभाग ने डिजिटल सर्वे की दिशा में पहल करते हुए “लोक निर्माण सर्वेक्षण ऐप” विकसित किया, जिससे अब परिसंपत्तियों का वैज्ञानिक और प्रमाणिक डेटा उपलब्ध हो रहा है।

MP PWD : 3 दिन में हुआ बड़ा सर्वे अभियान
इस ऐप के जरिए पूरे प्रदेश में तीन दिवसीय विशेष सड़क सर्वे अभियान चलाया गया। इसमें विभाग के इंजीनियरों ने मैदान में उतरकर सड़कों की चौड़ाई, पेवमेंट, राइट ऑफ वे (ROW), शोल्डर और मौजूदा स्थिति सहित कई तकनीकी बिंदुओं का डिजिटल डेटा एकत्र किया।
MP PWD : अब तक इस सर्वे के तहत
- 71,210 किलोमीटर से अधिक सड़कों का डिजिटल सर्वे
2,975 शासकीय भवनों का रिकॉर्ड
1,426 पुलों का डेटा तैयार किया जा चुका है - साथ ही, अन्य एजेंसियों और नगरीय निकायों की सड़कों की सीमाएं भी स्पष्ट की गई हैं।
MP PWD : GIS रोड मास्टर प्लान से बदलेगी कनेक्टिविटी
प्रमाणिक डेटा मिलने के बाद विभाग ने GIS आधारित रोड नेटवर्क मास्टर प्लान तैयार किया है। यह काम भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग एवं भू-सूचना संस्थान के तकनीकी सहयोग से किया गया है।
इस मास्टर प्लान में “मास्टर प्लान मॉड्यूल” के जरिए अलग-अलग क्षेत्रों की कनेक्टिविटी का विश्लेषण किया जा रहा है। इससे यह तय करने में मदद मिलेगी कि किन पर्यटन स्थलों, औद्योगिक क्षेत्रों और खनन क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी सुधारने की जरूरत है।
इस महत्वाकांक्षी योजना का शुभारंभ 12 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री द्वारा किया गया, जिसे प्रदेश के सड़क विकास के लिए अहम कदम माना जा रहा है।
MP PWD : तकनीक से मजबूत होगा इंफ्रास्ट्रक्चर
PWD की यह पहल केवल एक योजना नहीं, बल्कि तकनीक आधारित दीर्घकालिक विजन का हिस्सा है। GIS, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल टूल्स के उपयोग से अब सड़क निर्माण और उन्नयन की योजनाएं अधिक पारदर्शी, सटीक और प्रभावी होंगी। यह पहल प्रदेश में सुशासन और मजबूत अधोसंरचना विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो रही है।





