Madhya Pradesh मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए मानव संसाधनों की उपलब्धता पहली प्राथमिकता है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि भर्ती प्रक्रियाओं में होने वाली किसी भी प्रकार की देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Madhya Pradesh भर्ती प्रक्रियाओं में तेजी और समन्वय पर जोर
डिप्टी सीएम ने कर्मचारी चयन बोर्ड (ESB) और मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (PSC) के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक या तकनीकी औपचारिकताओं के कारण नियुक्तियों में विलंब नहीं होना चाहिए। श्री शुक्ल ने सभी लंबित भर्तियों को एक निश्चित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य दिया है, ताकि अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में स्टाफ की कमी को शीघ्र दूर किया जा सके।

Madhya Pradesh अस्पताल सहायक और नर्सिंग स्टाफ की प्राथमिकता
बैठक में विशेष रूप से अस्पताल सहायकों के रिक्त पदों पर चर्चा की गई। उप मुख्यमंत्री ने इन पदों के लिए भर्ती प्रस्ताव तुरंत कर्मचारी चयन बोर्ड को भेजने के निर्देश दिए, क्योंकि स्वास्थ्य संस्थानों के सुचारू संचालन में इनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही, मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग टीचरों की नियुक्ति प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। उन्होंने जोर देकर कहा कि योग्य नर्सिंग स्टाफ ही स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का मुख्य आधार है।

Madhya Pradesh अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता
मानव संसाधन के साथ-साथ बुनियादी ढांचे पर ध्यान केंद्रित करते हुए, श्री शुक्ल ने प्रदेश के स्वास्थ्य केंद्रों में आधुनिक और अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने इसके लिए एक चरणबद्ध और योजनाबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर जांच और उपचार की सुविधाएं मिल सकें। बैठक में आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री धनराजू एस सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।





