Report: Pratap bhagel
Morena : बिजली विभाग की लापरवाही ने एक और आउटसोर्स कर्मचारी की जान ले ली। जिले के बागचीनी थाना क्षेत्र के छोले का पुरा गांव में ड्यूटी के दौरान करंट लगने से एक अकुशल कर्मचारी की मौत हो गई। घटना के 24 घंटे बाद भी पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने से नाराज परिजनों ने मुरैना स्थित बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता (SE) कार्यालय के बाहर शव रखकर चक्काजाम और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

Morena शटडाउन के बावजूद आया करंट
मृतक की पहचान देवेन्द्र पराशर (निवासी खेरिया) के रूप में हुई है, जो बिजली विभाग में अकुशल आउटसोर्स कर्मचारी के पद पर कार्यरत थे। बताया जा रहा है कि देवेन्द्र छोले का पुरा गांव में बिजली सुधार कार्य के लिए खंभे पर चढ़े थे, तभी अचानक लाइन में करंट आ गया और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि उचित सुरक्षा मानकों और शटडाउन की प्रक्रिया में लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है।

Morena विधायक के नेतृत्व में धरने पर बैठे परिजन
शुक्रवार को आक्रोशित परिजनों के साथ जौरा के कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी धरने में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:

- दोषी अधिकारियों पर FIR: लापरवाही बरतने वाले बिजली विभाग के संबंधित लाइनमैन और अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए।
- मुआवजा: मृतक के परिवार को उचित आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए।
- पुलिस कार्रवाई में देरी: परिजनों का आरोप है कि 24 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस ने अब तक दोषियों पर हाथ नहीं डाला है।
Morena प्रशासनिक समझाइश जारी
धरने की सूचना मिलते ही पुलिस और बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। खबर लिखे जाने तक अधिकारी परिजनों को समझाने-बुझाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन परिजन दोषियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। भारी विरोध प्रदर्शन को देखते हुए जिला मुख्यालय और SE कार्यालय के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
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