आवास योजना की प्रक्रिया का लिया जायज़ा
बलरामपुर, छत्तीसगढ़ – छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाया जा रहा ‘मोर दुआर-साय सरकार महाअभियान’ अब ग्रामीण अंचलों में भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रहा है। इसी कड़ी में राज्य के मंत्री रामविचार नेताम ने बलरामपुर जिले के विभिन्न पंचायतों – महराजगंज, पचावल, जाबर और तेतराडीह – का दौरा कर ग्रामीणों से संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं।
मंत्री नेताम ने गांव-गांव जाकर ग्रामीणों से सरकारी योजनाओं की पहुंच, समस्याएं और सुझावों को जाना। साथ ही, उन्होंने 15 से 30 अप्रैल तक चल रहे विशेष आवास सर्वेक्षण पखवाड़ा के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को ‘आवास प्लस 2.0 योजना’ से जोड़ने की प्रक्रिया का भी जायज़ा लिया।
सुशासन तिहार में दिखाई सरकारी योजनाओं की झलक
तेतराडीह गांव में आयोजित सुशासन तिहार के दौरान मंत्री नेताम ने बताया कि सरकार ग्रामीण महिलाओं के खातों में समय पर योजनाओं की राशि भेज रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार द्वारा मिलेट्स (कोदो, कुटकी, रागी जैसी मोटे अनाज) की खेती को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे किसान आय के नए साधनों से जुड़ रहे हैं।
सभी पात्र परिवारों को जोड़ना है उद्देश्य
मंत्री नेताम ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है — प्रधानमंत्री आवास योजना से ऐसे सभी पात्र परिवारों को जोड़ना, जो अब तक वंचित रह गए हैं। उन्होंने बताया कि अब ग्रामीण स्वयं भी सर्वे एप के माध्यम से अपने मोबाइल फोन से आवेदन कर सकते हैं और योजना का लाभ ले सकते हैं।
मोर दुआर-साय सरकार अभियान से जहां सरकार और ग्रामीणों के बीच की दूरी कम हुई है, वहीं यह पहल पारदर्शिता और जवाबदेही को भी बढ़ावा दे रही है। ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि इससे उनकी लंबे समय से लंबित समस्याओं का समाधान होगा।
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