BY: MOHIT JAIN
मध्यप्रदेश में इस बार मानसून सामान्य से ज्यादा मेहरबान रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश से मानसून अक्टूबर के पहले हफ्ते में विदा होगा। उससे पहले 25 और 26 सितंबर को कई जिलों में तेज बारिश देखने को मिल सकती है। मंगलवार को कुछ जिलों में हल्की बूंदाबांदी भी होने के आसार हैं।
सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के मुताबिक, “अक्टूबर के पहले सप्ताह तक बारिश का दौर चलेगा। इसके बाद ही मानसून विदा लेगा।”
भोपाल और इंदौर में मिला बारिश-धूप का संगम

सोमवार को भोपाल में सुबह से ही धूप खिली रही, जिससे उमस और गर्मी बढ़ गई। वहीं, इंदौर में करीब एक इंच पानी गिरा और रतलाम में बूंदाबांदी हुई। इस तरह कई जिलों में धूप और बारिश का मिला-जुला मौसम देखने को मिला।
इस बार 118% बारिश दर्ज
प्रदेश में 16 जून को मानसून की एंट्री हुई थी। सामान्य तौर पर सितंबर तक इसका असर रहता है। इस बार अब तक 43.9 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है, जबकि औसतन 36.5 इंच की उम्मीद थी। यानी इस सीजन में लगभग 7.4 इंच ज्यादा बारिश हुई है।
- सामान्य बारिश का औसत: 37 इंच
- अब तक हुई बारिश: 43.9 इंच
- प्रतिशत के हिसाब से: 118% बारिश
इंदौर संभाग की स्थिति सुधरी
शुरुआत में इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे कमजोर रहे थे। एक समय तो इंदौर में पूरे प्रदेश में सबसे कम बारिश दर्ज की गई थी। लेकिन सितंबर की भारी बरसात ने तस्वीर बदल दी और इंदौर में सामान्य बारिश का कोटा पूरा हो गया। हालांकि, बड़वानी, खरगोन और खंडवा की स्थिति अब भी कमजोर है।
उज्जैन में भी बारिश का आंकड़ा अधूरा है। शाजापुर इस बार सबसे कम बारिश वाले जिलों में दूसरे नंबर पर है।
ग्वालियर-चंबल और सागर-रीवा में भारी बारिश

पूर्वी मध्यप्रदेश यानी जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश सबसे ज्यादा हुई। कई जगह बाढ़ जैसे हालात बने। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के सभी आठ जिलों में कोटे से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।
इन जिलों में ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर शामिल हैं।
अब तक का मानसूनी लेखा-जोखा (39 जिले)
- भोपाल संभाग: 4 जिले
- इंदौर संभाग: 5 जिले
- जबलपुर संभाग: 7 जिले
- ग्वालियर संभाग: 5 जिले
- सागर संभाग: 6 जिले
- उज्जैन संभाग: 4 जिले
- चंबल संभाग: सभी 3 जिले
- शहडोल संभाग: 3 जिले
- नर्मदापुरम संभाग: 2 जिले
मध्यप्रदेश में इस बार मानसून सामान्य से ज्यादा सक्रिय रहा। जहां कई जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिरा, वहीं कुछ जिलों में अभी भी कमी बनी हुई है। आने वाले दिनों में एक और दौर की बारिश के बाद अक्टूबर के पहले सप्ताह में मानसून पूरी तरह से विदा लेगा।





