रिपोर्ट, खन्ना सैनी
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Mathura ब्रज के विश्वप्रसिद्ध रंगोत्सव की रंगारंग शुरुआत हो चुकी है। सोमवार को राधा रानी की नगरी बरसाना के ऐतिहासिक लाड़ली जू मंदिर में ‘लड्डू होली’ का भव्य आयोजन किया गया। आस्था का आलम यह था कि देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं के “राधे-राधे” के जयकारों से पूरा बरसाना गुंजायमान हो उठा।

परंपरा का निर्वहन: जब मंदिर प्रांगण में हुई लड्डुओं की वर्षा
Mathura जैसे ही मंदिर के पट खुले, सेवायत गोस्वामी समाज ने भक्तों पर लड्डुओं की वर्षा शुरू कर दी। आसमान से बरसते लड्डुओं को पाने के लिए श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया।

- धार्मिक मान्यता: माना जाता है कि द्वापर युग में जब नंदगांव से होली का निमंत्रण स्वीकार होने की शुभ सूचना बरसाना आई थी, तब खुशी में लड्डू बांटे गए थे। उसी प्राचीन परंपरा को आज भी ‘लड्डू होली’ के रूप में जीवंत रखा जा रहा है।
- सतरंगी वातावरण: मंदिर परिसर में उड़ते हुए अबीर और गुलाल ने पूरे माहौल को दिव्य बना दिया। हर कोई राधा रानी की लाड़ली छवि के दर्शन कर धन्य हो रहा था।
सांस्कृतिक विरासत: समाज गायन और रसिया की गूंज
Mathura होली के इस उत्सव ने ब्रज की समृद्ध लोक संस्कृति को एक बार फिर दुनिया के सामने रखा।

- समाज गायन: गोस्वामी समाज के पदों में राधा-कृष्ण की अलौकिक प्रेम लीलाओं का वर्णन सुन भक्त भाव-विभोर हो गए।
- रसिया की धुन: ढोल, नगाड़ों और झांझ-मंजीरों की थाप पर ब्रज के पारंपरिक ‘रसिया’ गीतों ने समां बांध दिया। भक्ति के रंगों में सराबोर श्रद्धालु सुध-बुध खोकर नाचते नजर आए।
सुरक्षा व्यवस्था: चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा
Mathura रिकॉर्ड तोड़ भीड़ को देखते हुए मथुरा प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे।
- मुस्तैदी: मंदिर मार्ग से लेकर परिसर के भीतर तक भारी पुलिस बल तैनात रहा।
- क्राउड मैनेजमेंट: श्रद्धालुओं को सुरक्षित दर्शन कराने के लिए बैरिकेडिंग और वन-वे रूट का कड़ाई से पालन कराया गया ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।





