रिपोर्ट- अभिलाष देवांगन
राजनांदगांव: जिले में नक्सल मोर्चे पर सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। शासन की पुनर्वास नीति के तहत कुल 12 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिनमें सबसे बड़ा नाम सेंट्रल कमेटी मेंबर रामधेर मज्जी का है। इसके अलावा 4 DVCM और 7 प्रमुख नक्सली कैडर ने भी आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है।
पुलिस और जिला प्रशासन ने इसे एक रणनीतिक उपलब्धि माना है, क्योंकि इतने ऊँचे दर्जे के नक्सलियों का सरेंडर माओवादी संगठन की ताकत को सीधा प्रभावित कर सकता है। सरेंडर करने वालों पर कई गंभीर अपराध दर्ज थे और इनमें से कई लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की वांटेड सूची में शामिल थे।

इस सरेंडर कार्यक्रम को लेकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा नक्सलियों के लिए जारी डेडलाइन अपने अंतिम चरण में है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि डबल इंजन की सरकार राज्य से नक्सलवाद का पूर्ण खात्मा करेगी।

मुख्यमंत्री साय ने यह भी कहा कि जो माओवादी कैडर मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उन्हें शासन की पुनर्वास नीति के तहत रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा, वहीं नक्सल पीड़ित क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेज किया जाएगा।





