Report by: Ashok Agrawal, Edit by: Priyanshi Soni
Mandla: कान्हा नेशनल पार्क, जो देश और विदेश के सैलानियों के बीच बेहद लोकप्रिय है, नए साल के मौके पर आमतौर पर गुलजार रहता है। इस बार भी कई रिसॉर्ट्स और सफारी बुकिंग फुल थी, लेकिन प्रशासन द्वारा लागू की गई नई गाइडलाइन ने पर्यटकों की उत्सुकता को ठंडा कर दिया।
नई गाइडलाइन के अनुसार, सफारी के दौरान कैमरा और मोबाइल फोन से फोटो या वीडियो बनाना मना है। यह निर्णय कोर्ट के आदेश के तहत लिया गया है ताकि वन्यजीवों की सुरक्षा और उनकी प्राकृतिक गतिविधियों में किसी प्रकार की बाधा न आए।
Mandla: पर्यटकों की प्रतिक्रिया: “रोमांच अधूरा”
पर्यटक इस नई व्यवस्था से नाखुश हैं। उनका कहना है कि कान्हा में टाइगर और जंगल की खूबसूरत तस्वीरें कैद करना सफारी का मुख्य आकर्षण है। कई पर्यटक यह मानते हैं कि बिना कैमरा और मोबाइल के सफारी का अनुभव अधूरा रह जाएगा।
मणि कांत शर्मा, जो जबलपुर से आए थे, ने कहा कि “यहाँ का एटमॉस्फ़ियर शानदार है, लेकिन नाइट सफारी और फोटो के बिना अनुभव कुछ कम हो गया। प्रशासन को इस पर ध्यान देना चाहिए।”

Mandla: ऑनलाइन बुकिंग और कम भीड़
वन विभाग की नई गाइडलाइन के कारण टिकट काउंटर पर भीड़ कम हो गई है। कई रिसॉर्ट संचालकों ने बताया कि पहले जहां लंबी कतारें लगी होती थीं, अब ऑनलाइन बुकिंग होने के बावजूद पर्यटक कम दिखाई दे रहे हैं।
किस्किन्ध रिसोर्ट के संचालक वरुण बघेल ने कहा कि “सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश और ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था के कारण इस साल पर्यटकों की संख्या में कमी आई है।”
Mandla: गाइड यूनियन की मांग: नए सफारी वार्डर और रोजगार
कान्हा गाइड यूनियन के अध्यक्ष संत कुमार यादव ने कहा कि “पहले जैसी भीड़ अब नहीं रही। वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ-साथ पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए नए सफारी वार्डर और बेहतर व्यवस्था की जरूरत है। इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।”
Mandla: वन विभाग का पक्ष: वन्यजीवों की सुरक्षा प्रमुख
वन विभाग ने स्पष्ट किया कि कैमरा और मोबाइल पर प्रतिबंध वन्यजीवों को फ्लैश लाइट और शोर से होने वाले तनाव से बचाने के लिए लगाया गया है। विभाग ने कहा कि यह सख्ती पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव सुरक्षा के लिए आवश्यक है।
स्थानीय व्यवसायियों का हाल: धंधा सुना
कमलेश ढाबा के संचालक ने बताया कि “31 दिसंबर को कान्हा पार्क में आमतौर पर काफी भीड़ होती थी, लेकिन इस बार नाइट सफारी बंद होने और ऑनलाइन बुकिंग के कारण पार्क बिलकुल सुनसान रहा।” सैलानियों की कमी और नई गाइडलाइन ने स्थानीय व्यवसायों और पर्यटन उद्योग पर भी असर डाला है।
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