ममता बनर्जी बोलीं- यहां राजनीति मत करो
लंदन: ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के प्रो-वाइस चांसलर जोनाथन मिची ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को केलॉग कॉलेज में भाषण देने के लिए निमंत्रित किया था।
गुरुवार को ममता बनर्जी को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के केलॉग कॉलेज में भाषण देते समय विरोध का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने बंगाल में हुई हिंसा, आरजी कर कॉलेज रेप-मर्डर केस और संदेशखाली में महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर सवाल उठाए।
ममता ने इन सवालों का जवाब देते हुए कहा, “आप जानते हैं कि ये मामले अदालत में हैं और ये केस हमारे नियंत्रण में नहीं हैं, बल्कि केंद्र सरकार के हाथ में हैं।”
प्रदर्शनकारी छात्रों के शांत न होने पर ममता ने कहा, “यहां राजनीति मत करो, यह राजनीति का मंच नहीं है। मेरे राज्य में आकर मेरे साथ राजनीति करो।”
प्रदर्शनकारियों के हंगामे के कारण ममता को अपना भाषण रोकना पड़ा। यह विरोध स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI-UK) द्वारा किया गया था। छात्र संगठन ने कहा कि वे ममता बनर्जी के झूठे दावों का विरोध कर रहे थे।
इस घटना का वीडियो भाजपा नेता अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर साझा किया। हालांकि, उन्होंने यह दावा किया कि प्रदर्शनकारी बंगाली हिंदू समुदाय से थे। भाजपा ने इस घटना को ‘बंगाल की शर्मिंदगी’ बताया है और कहा कि विदेश में रहने वाले बंगाली हिंदू ममता को मुख्यमंत्री पद से हटाना चाहते हैं, क्योंकि उन्होंने बंगाल की विरासत को नष्ट कर दिया है।

ममता की स्पीच की 3 मुख्य बातें:
- भारत की अर्थव्यवस्था पर असहमति: इवेंट के दौरान जब होस्ट ने ममता से पूछा कि क्या भारत 2060 तक विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा, तो ममता ने असहमति जताई। उन्होंने कहा, “मैं इससे अलग राय रखती हूं।” इस वीडियो को साझा करते हुए भाजपा नेता अमित मालवीय ने कहा कि ममता को भारत के दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने से समस्या है, और उन्होंने विदेश में बैठकर संवैधानिक पद का अपमान किया है।
- विभाजन बनाना आसान, एकता बनाए रखना कठिन: ममता ने कहा, “विभाजन करना बहुत आसान है, लेकिन समाज को एकजुट बनाए रखना एक कठिन काम है। जब मैं सत्ता में होती हूं, तो मैं समाज को विभाजित नहीं कर सकती। मुझे कमजोर वर्गों और गरीबों का ख्याल रखना होता है। हमें उनके लिए कड़ी मेहनत करनी होती है।”
- राज्य के लोग एक-दूसरे से प्यार करते हैं: ममता ने कहा, “हमारे राज्य में लगभग 11 करोड़ लोग रहते हैं, जो एक बड़े देश की तरह हैं। हमारी खास बात यह है कि यहां 33% से अधिक लोग अल्पसंख्यक समुदाय के हैं, जिनमें मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध, नेपाली और गोरखा समुदाय शामिल हैं। बंगाल में लगभग 6% आदिवासी और 23% अनुसूचित जाति के लोग हैं। यहां सभी जाति, पंथ और धर्म के लोग एक-दूसरे से प्यार करते हैं।”
TMC ने ममता को रॉयल बंगाल टाइगर कहा: तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस घटना का वीडियो शेयर करते हुए ममता बनर्जी को “रॉयल बंगाल टाइगर” बताया। पार्टी ने कहा कि ममता कभी घबराती नहीं हैं, वह कभी पीछे नहीं हटतीं। जितना उन्हें परेशान किया जाता है, उतना ही वह और अधिक मजबूत होकर सामने आती हैं।
पश्चिम बंगाल की दो बड़ी घटनाएं:
- कोलकाता रेप-मर्डर केस:
आरजी कर हॉस्पिटल में 8-9 अगस्त की रात एक ट्रेनी डॉक्टर का रेप और मर्डर हुआ था। 9 अगस्त को डॉक्टर की लाश सेमिनार हॉल में मिली थी। पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर संजय रॉय नाम के एक सिविक वॉलंटियर को 10 अगस्त को गिरफ्तार किया। इस घटना के बाद से देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए। मामले की जांच सीबीआई कर रही है। - संदेशखाली केस:
राज्य के संदेशखाली में टीएमसी नेता शेख शाहजहां और उसके दो साथी शिबू हाजरा और उत्तम सरदार पर महिलाओं से गैंगरेप और जमीन हड़पने का आरोप है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने 10 अप्रैल 2024 को इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है।
राजनीति से जुड़ी अन्य खबरें:
ममता बनर्जी ने कोलकाता में कहा, “भाजपा ने दिल्ली और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव फर्जी वोटों के जरिए जीते। इसमें चुनाव आयोग ने मदद की। भाजपा नेताओं ने चुनाव आयोग के ऑफिस में बैठकर ऑनलाइन फर्जी मतदाता सूची बनाई।”





