BY
Yoganand Shrivastava
Malegaon : महाराष्ट्र के मालेगांव नगर निगम (MMC) से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां बिजली विभाग के कार्यालय के भीतर सामूहिक रूप से नमाज अदा की गई। यह घटना तब हुई जब स्थानीय नागरिक बिजली की समस्या को लेकर विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे थे। इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर फैलने के बाद अब इस पर कानूनी और राजनीतिक कार्रवाई की मांग उठने लगी है।
Contents
क्या है पूरा मामला?
Malegaon मालेगांव के एक वार्ड में लंबे समय से बिजली कटौती की समस्या चल रही थी। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद नगर निगम प्रशासन कोई सुध नहीं ले रहा था।
- धरना प्रदर्शन: इसी के विरोध में ‘मालेगांव लोकसंघर्ष समिति’ के अध्यक्ष लुकमान कमाल के नेतृत्व में वार्ड के लोग बिजली विभाग के दफ्तर पहुंचे थे।
- इंतजार और नमाज: लुकमान कमाल का दावा है कि अधिकारियों ने उन्हें दोपहर 3 बजे बुलाया था, लेकिन वे मीटिंग का बहाना बनाकर नहीं आए। चूंकि रमजान का महीना चल रहा है और शाम को ‘असर’ की नमाज का वक्त हो गया था, इसलिए प्रदर्शनकारियों ने दफ्तर के भीतर ही जमात (सामूहिक रूप से) में नमाज पढ़ ली। उनका कहना है कि यदि वे नमाज के लिए बाहर जाते, तो अधिकारी दफ्तर बंद कर चले जाते और उनकी समस्या अनसुनी रह जाती।
किरीट सोमैया ने मोर्चा खोला, मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
Malegaon नमाज का वीडियो वायरल होते ही भाजपा नेता किरीट सोमैया ने इसे सरकारी नियमों का उल्लंघन बताया है।
- सख्त कार्रवाई की मांग: सोमैया ने आरोप लगाया कि सरकारी कार्यालय का उपयोग धार्मिक गतिविधियों के लिए करना गलत है। उन्होंने इस मामले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर इसमें शामिल कर्मचारियों को तुरंत सस्पेंड करने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की है।
शहर में छिड़ी नई बहस
Malegaon इस घटना ने शहर के लोगों को दो हिस्सों में बांट दिया है।
- समर्थक: कुछ लोग इसे प्रशासन की लापरवाही के खिलाफ एक शांतिपूर्ण और विवशता में किया गया विरोध मान रहे हैं।
- विरोधी: वहीं, अन्य लोगों का तर्क है कि किसी भी धार्मिक क्रियाकलाप के लिए सरकारी दफ्तर का उपयोग करना प्रशासनिक अनुशासन के खिलाफ है।





