मध्य प्रदेश के दमोह जिले के छोटे से कस्बे पथरिया में एक सड़क किनारे अंडे बेचने वाले युवक को आयकर विभाग का नोटिस मिला, जिसमें करीब 50 करोड़ रुपये के लेन-देन के बारे में स्पष्टीकरण मांगा गया। यह रकम उसके लिए इतनी बड़ी थी कि उसने कभी सपने में भी नहीं सोचा था।
क्या हुआ था?
प्रिंस सुमन नाम के इस युवक को आयकर विभाग का नोटिस मिला, जिसमें वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान 49 करोड़ 24 लाख 57 हज़ार 217 रुपये के लेन-देन का ब्यौरा मांगा गया। नोटिस में बिल, वाउचर, बैंक स्टेटमेंट और अन्य दस्तावेज़ जमा करने को कहा गया।

प्रिंस और उसका परिवार इस नोटिस को देखकर हैरान रह गया, क्योंकि उनकी आमदनी बहुत मामूली थी। वह स्थानीय अधिकारियों के पास गया और दमोह के पुलिस अधीक्षक को शिकायत दर्ज कराई।
कैसे हुआ धोखा?
जांच में पता चला कि प्रिंस के व्यक्तिगत दस्तावेज़ों का गलत इस्तेमाल करके दिल्ली में “प्रिंस एंटरप्राइजेज” नाम की एक कंपनी रजिस्टर्ड कराई गई थी। इस कंपनी ने जीएसटी नंबर भी बनवाया और करोड़ों रुपये के लेन-देन किए। बाद में कंपनी को अचानक बंद कर दिया गया।
अकेला मामला नहीं
प्रिंस का मामला अकेला नहीं है। मध्य प्रदेश में कई अन्य मामले सामने आए हैं, जहां छात्रों और युवाओं के दस्तावेज़ों का गलत इस्तेमाल करके कंपनियां बनाई गईं और बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की गई। अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ एक छोटा सा हिस्सा है और ऐसे कई और मामले हो सकते हैं।




