भोपाल, 1 अप्रैल 2025 – मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के 19 पवित्र धार्मिक शहरों और गाँवों में शराब की बिक्री और सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अगुवाई में लिया गया है और इसका उद्देश्य समाज को नशामुक्त बनाना तथा धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखना है।
किन स्थानों पर लगा प्रतिबंध?
इस प्रतिबंध के तहत निम्नलिखित प्रमुख धार्मिक स्थल शामिल हैं:
- उज्जैन – महाकालेश्वर मंदिर
- अमरकंटक – नर्मदा नदी का उद्गम स्थल
- ओंकारेश्वर – नर्मदा तट पर स्थित प्रसिद्ध शिव मंदिर
- ओरछा – रामराजा मंदिर
- महेश्वर – नर्मदा किनारे स्थित ऐतिहासिक नगर
- खजुराहो – विश्व प्रसिद्ध मंदिर समूह
- चित्रकूट – भगवान राम की तपोस्थली
- पन्ना – पन्ना नेशनल पार्क और प्राचीन मंदिर
इनके अलावा, मंडला, मैहर, सांची, बाणगंगा घाट (जबलपुर), पितांबरा पीठ (दतिया) और अन्य कई स्थानों पर भी शराब पर रोक लगा दी गई है।

क्या बदलाव हुए हैं?
- अब इन क्षेत्रों में कोई भी शराब की दुकान नहीं खुलेगी।
- होटल, रेस्तरां या बार में भी शराब नहीं मिलेगी।
- उज्जैन के काल भैरव मंदिर में शराब चढ़ाने की प्रथा पर भी रोक लगी है। अब भक्तों को मंदिर परिसर के बाहर से ही प्रसाद लाना होगा।
मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, “यह निर्णय मध्य प्रदेश को नशामुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। हमारे धार्मिक स्थल देश की आस्था के केंद्र हैं और इनकी पवित्रता बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है।”
लोगों की प्रतिक्रिया
इस फैसले का स्थानीय लोगों और धार्मिक संगठनों ने स्वागत किया है। कई लोगों का मानना है कि इससे समाज में नैतिक मूल्यों को बल मिलेगा और अपराधों में कमी आएगी।
अन्य जानकारी
- यदि कोई इस प्रतिबंध का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- पुलिस और प्रशासन ने सख्त निगरानी शुरू कर दी है।
इस नए नियम से पर्यटकों और स्थानीय लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। अब इन पवित्र स्थानों पर शराब मुक्त वातावरण बनाया जाएगा।




