Madhya Pradesh Investment को लेकर मुंबई में दिखाई गई निवेश संभावनाओं पर फिल्म
मुंबई में आयोजित “इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश” में प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर आधारित एक फिल्म का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान मध्यप्रदेश की आर्थिक स्थिति, औद्योगिक आधारभूत संरचना, उपलब्ध भूमि, बिजली, कुशल मानव संसाधन और अलग-अलग सेक्टर में मौजूद निवेश अवसरों को उद्योग जगत के सामने रखा गया। 8 अक्टूबर 2026 को मुंबई में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उद्योगपतियों के साथ बातचीत का मुख्य फोकस निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाना रहा।
Madhya Pradesh Investment पर नीरज मंडलोई ने दिया विस्तृत प्रेजेंटेशन
औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने प्रदेश की निवेश संभावनाओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रस्तुतीकरण में प्रदेश की अर्थव्यवस्था से लेकर उद्योग, कृषि, ऊर्जा, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स और उभरते तकनीकी क्षेत्रों तक निवेश के अवसरों की जानकारी दी गई।
Madhya Pradesh Investment में 16.7 लाख करोड़ की GDP का जिक्र
प्रेजेंटेशन के दौरान बताया गया कि मध्यप्रदेश की जीडीपी 16.7 लाख करोड़ रुपये है। प्रदेश करीब 8 प्रतिशत की विकास दर के साथ आगे बढ़ रहा है। वहीं वर्ष 2011-12 की तुलना में मध्यप्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में 4.4 गुना बढ़ोतरी होने की जानकारी दी गई। विकास की इस गति के साथ राज्य में रोजगार के नए अवसर भी तैयार हो रहे हैं।
Madhya Pradesh Investment के लिए 2030 तक GSDP बढ़ाने का लक्ष्य
प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्ष 2030 तक प्रदेश की जीएसडीपी को बढ़ाने का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार का फोकस आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के साथ औद्योगिक निवेश, रोजगार और विभिन्न क्षेत्रों में नई परियोजनाओं को बढ़ावा देने पर है।
Madhya Pradesh Investment के चार प्रमुख स्तंभ हैं संसाधन, बिजली, लोकेशन और कुशल कामगार
नीरज मंडलोई ने निवेशकों के सामने मध्यप्रदेश की चार प्रमुख ताकतों को रेखांकित किया। इनमें प्राकृतिक एवं औद्योगिक संसाधन, बिजली की उपलब्धता, देश के मध्य में स्थित होने के कारण बेहतर लोकेशन और कुशल कामगार शामिल हैं। मध्यप्रदेश को खनिज संपदा और सरप्लस बिजली वाला राज्य बताते हुए उद्योगों के विस्तार के लिए इन सुविधाओं को महत्वपूर्ण आधार बताया गया।
Madhya Pradesh Investment के लिए 1 लाख एकड़ का लैंड बैंक उपलब्ध
औद्योगिक परियोजनाओं की स्थापना के लिए प्रदेश में करीब 1 लाख एकड़ का लैंड बैंक उपलब्ध होने की जानकारी दी गई। इसके साथ ही प्रदेश में 340 इंडस्ट्रियल पार्क, 7 स्मार्ट सिटी और 5 आईटी स्पेशल जोन होने की जानकारी भी निवेशकों को दी गई। सरकार का उद्देश्य निवेशकों को परियोजनाओं के लिए आवश्यक जमीन और औद्योगिक ढांचा उपलब्ध कराना है।
Madhya Pradesh Investment में सस्ती बिजली और सिंगल विंडो सिस्टम
प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिए बिजली की प्रतिस्पर्धी दरें उपलब्ध हैं। निवेशकों की सुविधा के लिए सिंगल विंडो सिस्टम की व्यवस्था भी की गई है, जिससे अलग-अलग अनुमतियों और प्रक्रियाओं को सरल बनाने का प्रयास किया जा रहा है। राज्य सरकार का दावा है कि निवेशकों के लिए नए और बेहतर अवसर तैयार किए जा रहे हैं।
Madhya Pradesh Investment में टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग पर जोर
मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल, फुटवेयर, रिन्यूएबल एनर्जी और फार्मा सहित कई क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को सामने रखा गया। फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को भी महत्वपूर्ण अवसर वाले क्षेत्र के रूप में बताया गया। प्रदेश को देश का तीसरा सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक राज्य बताते हुए गेहूं उत्पादन में भी इसकी अग्रणी स्थिति का उल्लेख किया गया।
Madhya Pradesh Investment के लिए धार में PM MITRA Park का विस्तार
टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देने के लिए धार में पीएम मित्र पार्क की स्थापना की जा रही है। प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि वैश्विक कपास उत्पादन में भी मध्यप्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान है। टेक्सटाइल से जुड़े उद्योगों के लिए प्रदेश में कच्चे माल, भूमि और औद्योगिक आधारभूत संरचना से जुड़े अवसर उपलब्ध होने की बात कही गई।
Madhya Pradesh Investment में Renewable Energy सेक्टर को बढ़ावा
रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में निवेश के लिए पंप स्टोरेज यूनिट स्थापित किए जाने की जानकारी दी गई। उद्योगों के लिए एक रुपये में औद्योगिक भूमि और 4.36 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराने की बात भी प्रस्तुतीकरण में कही गई। ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए भूमि, बिजली और बुनियादी सुविधाओं को महत्वपूर्ण आधार के तौर पर सामने रखा गया।
Madhya Pradesh Investment में Logistics और Mining सेक्टर की बड़ी संभावनाएं
लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को मजबूत करने के लिए प्रदेश में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही खनन और सीमेंट उद्योग में भी तेजी से विस्तार होने की जानकारी दी गई। प्रदेश में सीमेंट प्लांट्स के विस्तार को औद्योगिक गतिविधियों और निर्माण क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया गया।
Madhya Pradesh Investment में Tourism Sector भी बना बड़ा अवसर
पर्यटन क्षेत्र में निवेश की व्यापक संभावनाओं पर भी उद्योग जगत का ध्यान आकर्षित किया गया। मध्यप्रदेश में 18 यूनेस्को साइट, 9 टाइगर रिजर्व और 12 नेशनल पार्क होने की जानकारी दी गई। उज्जैन के पास वेलनेस सेंटर स्थापित किए जाने का भी उल्लेख किया गया। प्रस्तुतीकरण में पर्यटन को रोजगार सृजन का एक मजबूत माध्यम बताया गया।
Madhya Pradesh Investment में Tourism Projects के लिए अनुमतियां होंगी आसान
पर्यटन क्षेत्र में निवेश के लिए केवल 10 अनुमतियों की आवश्यकता होने की जानकारी दी गई। सरकार की ओर से पर्यटन परियोजनाओं से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि निवेशकों के लिए परियोजनाएं स्थापित करना आसान हो सके और इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ें।
Madhya Pradesh Investment में Data Center, Drone और AI पर फोकस
प्रेजेंटेशन में पारंपरिक उद्योगों के साथ उभरते क्षेत्रों को भी निवेश के अवसर के तौर पर सामने रखा गया। डेटा सेंटर, ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI जैसे क्षेत्रों में मध्यप्रदेश तेजी से काम कर रहा है। तकनीक आधारित उद्योगों के विस्तार के लिए नए निवेश और औद्योगिक गतिविधियों की संभावनाएं बताई गईं।
Madhya Pradesh Investment के लिए 40 प्रतिशत तक निवेश प्रोत्साहन
राज्य सरकार की ओर से निवेशकों को 40 प्रतिशत तक निवेश प्रोत्साहन उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई। सेक्टर की जरूरतों के अनुसार निर्णय लेने के लिए कैबिनेट कमेटी गठित किए जाने का भी उल्लेख किया गया। इसका उद्देश्य अलग-अलग उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुसार निवेश संबंधी फैसलों को गति देना है।
Madhya Pradesh Investment में Ease of Doing Business पर जोर
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए कई कानूनी बाधाओं को समाप्त करने और उद्योगों के लिए भूखंड आवंटन की प्रक्रिया को सरल बनाने की जानकारी दी गई। औद्योगिक भूमि आवंटन की अवधि 60 दिन से घटाकर 24 दिन किए जाने की बात भी निवेशकों के सामने रखी गई।
Madhya Pradesh Investment के तहत सागर और ग्वालियर में नई परियोजनाएं
प्रेजेंटेशन में प्रदेश के विभिन्न शहरों में विकसित किए जा रहे औद्योगिक क्षेत्रों की जानकारी भी दी गई। सागर में 105 एकड़ क्षेत्र में नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। वहीं ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया जारी है। ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन को लेकर राज्य सरकार पहले भी निवेशकों के साथ संवाद कर चुकी है।
Madhya Pradesh Investment के लिए उज्जैन, रतलाम और भोपाल में नए पार्क
मध्यप्रदेश के अलग-अलग शहरों में नए औद्योगिक पार्क विकसित करने की योजना भी सामने रखी गई। उज्जैन, रतलाम, भोपाल के सतगढ़ी और जबलपुर सहित विभिन्न शहरों में नए औद्योगिक पार्क स्थापित किए जाएंगे। इन औद्योगिक क्षेत्रों का उद्देश्य स्थानीय संसाधनों और उपलब्ध मानव संसाधन के आधार पर नए उद्योगों को आकर्षित करना है।
Madhya Pradesh Investment के जरिए रोजगार पर सरकार का फोकस
पूरे प्रेजेंटेशन में औद्योगिक विकास के साथ रोजगार सृजन को भी प्रमुख बिंदु के रूप में रखा गया। सरकार का कहना है कि नए उद्योगों, औद्योगिक पार्कों, पर्यटन परियोजनाओं, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, फार्मा, रिन्यूएबल एनर्जी और तकनीकी क्षेत्रों में निवेश बढ़ने से रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे। मुंबई का यह इंटरैक्टिव सेशन भी जनवरी 2027 में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले निवेशकों तक प्रदेश की संभावनाएं पहुंचाने की कवायद का हिस्सा है।


