Madhya Pradesh मध्य प्रदेश अब केवल ‘सोया स्टेट’ या ‘गेहूं का भंडार’ ही नहीं, बल्कि फूलों की खेती में भी देश का सिरमौर बनने की ओर अग्रसर है। भोपाल के लिंक रोड स्थित गुलाब उद्यान में आयोजित राज्य स्तरीय पुष्प महोत्सव का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गर्व के साथ घोषणा की कि मध्य प्रदेश के किसानों द्वारा उगाए गए फूलों की सुगंध अब पेरिस और लंदन जैसे अंतरराष्ट्रीय शहरों तक पहुंच रही है। पुष्प प्रेमियों के भारी उत्साह को देखते हुए मुख्यमंत्री ने इस एक दिवसीय महोत्सव की अवधि को बढ़ाकर तीन दिन करने का बड़ा निर्णय लिया।

पुष्प उत्पादन में देश का दूसरा अग्रणी राज्य बना मध्य प्रदेश
Madhya Pradesh मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश की उपजाऊ मिट्टी और किसानों की मेहनत का परिणाम है कि मध्य प्रदेश देश का दूसरा सबसे बड़ा पुष्प उत्पादक राज्य बन गया है। आंकड़ों के जरिए उन्होंने प्रदेश की प्रगति को रेखांकित किया:
- रकबा और उत्पादन: साल 2021-22 में फूलों की खेती का रकबा 37 हजार हेक्टेयर था, जो अब बढ़कर 44 हजार हेक्टेयर से अधिक हो चुका है।
- किसानों की भागीदारी: प्रदेश के लगभग 40 हजार किसान सीधे तौर पर पुष्प उत्पादन से जुड़े हैं और सालाना 86 लाख टन फूलों का उत्पादन हो रहा है।
- वैश्विक निर्यात: यहाँ के फूल न केवल गुजरात और महाराष्ट्र जा रहे हैं, बल्कि विदेशों में भी इनकी भारी मांग है, जिससे ग्रामीण उद्यमिता को नई ताकत मिल रही है।
किसानों की आय दोगुनी करने का ‘उद्यानिकी’ फॉर्मूला

Madhya Pradesh मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पारंपरिक फसलों के साथ-साथ उद्यानिकी (Horticulture) किसानों की नकद आय बढ़ाने का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने किसानों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:
- गेहूं और सोयाबीन पर समर्थन: किसानों को गेहूं का मूल्य 2600 रुपये प्रति क्विंटल दिया जा रहा है, जिसे 2030 तक 3000 रुपये तक ले जाने का लक्ष्य है।
- तकनीकी मदद और अनुदान: राज्य सरकार सूक्ष्म सिंचाई, पॉली हाउस और शेडनेट हाउस बनाने के लिए भारी अनुदान दे रही है। पीएमएफएमई (PMFME) योजना के तहत हितग्राहियों को 45 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है।
- प्रशिक्षण: किसानों को आधुनिक तकनीक और बाजार की संभावनाओं से जोड़ने के लिए विभाग विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर रहा है।
कृषक कल्याण वर्ष-2026: 16 विभागों का साझा प्रयास
Madhya Pradesh डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में समर्पित किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए 16 अलग-अलग विभागों को एक साथ जोड़कर काम किया जा रहा है। उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि विभाग ने आगामी तीन वर्षों का एक विस्तृत ‘रोडमैप’ तैयार किया है, जिससे मध्य प्रदेश को पुष्प उत्पादन में नंबर-1 बनाया जा सके। महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया और विभाग के नए सूचना ब्रोशर का विमोचन भी किया।





