प्रशिक्षण से बनता है जिम्मेदार राष्ट्र-प्रहरी
Madhya Pradesh राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि सशस्त्र सीमा बल का प्रशिक्षण केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि अधिकारियों को जिम्मेदार, संवेदनशील और सजग राष्ट्र-प्रहरी के रूप में तैयार करने का माध्यम है। यह प्रशिक्षण व्यक्तित्व निर्माण में अहम भूमिका निभाता है और विभिन्न राज्यों से आए प्रशिक्षणार्थियों को एक-दूसरे की संस्कृति, परंपराओं और विविधताओं को समझने का अवसर देता है। इससे “विविधता में एकता” की भावना और अधिक सशक्त होती है।

वर्दी सम्मान और विश्वास की प्रतीक
Madhya Pradesh लोकभवन में सशस्त्र सीमा बल अकादमी भोपाल के प्रशिक्षु सहायक कमांडेंट्स को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि वर्दी केवल पहचान नहीं, बल्कि राष्ट्र और समाज के सम्मान का प्रतीक है। जब अधिकारी परिवार से दूर सीमाओं पर तैनात होकर देश की रक्षा करते हैं, तभी नागरिक स्वयं को सुरक्षित महसूस करते हैं। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से ईमानदारी, निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ कर्तव्य निभाने का आह्वान किया और निष्ठा व साहस के साथ राष्ट्र सेवा करने की प्रेरणा दी।

सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में निभाएं सक्रिय भूमिका
Madhya Pradesh राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान समय में आंतरिक सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, नक्सलवाद, तस्करी, साइबर अपराध और असामाजिक गतिविधियां देश के सामने बड़ी चुनौतियां हैं। ऐसे में राष्ट्र-प्रहरी के रूप में अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने आधुनिक तकनीक, व्यावसायिक ज्ञान तथा शारीरिक व मानसिक दक्षता को अपनाकर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों के अनुभवों से सीख लेकर उसे सहकर्मियों के साथ साझा करने की बात कही।
Read this: Madhya Pradesh : उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आमजन के साथ बिताया सादगी भरा पल





