Madhya Pradesh देश के कुछ हिस्सों में एलपीजी (LPG) और ईंधन की कमी की चर्चाओं के बीच मध्य प्रदेश सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा है कि प्रदेश में घरेलू एलपीजी सिलेंडर, पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और पीएनजी की आपूर्ति पूरी तरह सुचारू है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की घबराहट (Panic) में न आएं, क्योंकि ईंधन की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में सुनिश्चित की गई है।
Madhya Pradesh शिक्षण और चिकित्सा संस्थानों को कमर्शियल गैस में छूट
खाद्य आयुक्त श्री कर्मवीर शर्मा ने बताया कि व्यवस्थाओं को निर्बाध रखने के लिए सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। वाणिज्यिक (Commercial) एलपीजी गैस के उपयोग को लेकर शैक्षणिक और चिकित्सकीय संस्थानों को विशेष छूट दी गई है। इस छूट का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं और स्कूलों-कॉलेजों में शैक्षणिक गतिविधियां बिना किसी बाधा के जारी रह सकें।
Madhya Pradesh जमाखोरों और कालाबाजारी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
Madhya Pradesh गैस सिलेंडर की कृत्रिम किल्लत पैदा करने वालों के खिलाफ सरकार अब ‘एक्शन मोड’ में है।
- जिलों को निर्देश: सभी जिला प्रशासन और खाद्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर पैनी नजर रखें।
- निरंतर जांच: जिलों में औचक निरीक्षण और छापेमारी की कार्रवाई लगातार जारी है ताकि कोई भी विक्रेता निर्धारित दर से अधिक कीमत न वसूल सके या अवैध भंडारण न कर सके।
Madhya Pradesh वैकल्पिक ऊर्जा और खपत नियंत्रण पर जोर
सरकार भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा को देखते हुए एलपीजी के वैकल्पिक साधनों (जैसे बिजली से चलने वाले चूल्हे या सोलर कुकर) के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। इसके साथ ही, विभाग उन व्यावसायिक गतिविधियों पर भी नजर रख रहा है जहाँ एलपीजी का अत्यधिक उपयोग होता है। प्रशासन का प्रयास है कि ऐसी गतिविधियों को नियंत्रित कर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की उपलब्धता को प्राथमिकता दी जाए।





