BY: Yoganand Shrivastva
भारतीय सिनेमा में दक्षिण भारतीय फिल्मों का जलवा दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। खासकर मलयालम फिल्म इंडस्ट्री ने कहानी, अभिनय और प्रस्तुति के दम पर ऐसा मुकाम हासिल किया है कि अब दर्शक किसी फिल्म के बजट या बड़े स्टार कास्ट से नहीं, बल्कि उसकी संवेदनशीलता और गहराई से जुड़ने लगे हैं। इसी कड़ी में एक ऐसी फिल्म आई जिसने कम बजट के बावजूद बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया।
हम बात कर रहे हैं 2023 में रिलीज हुई मलयालम फिल्म ‘2018: Everyone Is A Hero’ की, जिसने सिर्फ 26 करोड़ रुपये में बनकर महज 25 दिनों में 177 करोड़ रुपये की कमाई कर ली थी। ये फिल्म न केवल व्यावसायिक रूप से सफल रही, बल्कि इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी काफी सराहा गया।
केरल की बाढ़ पर आधारित एक दिल छू लेने वाली कहानी
इस फिल्म की कहानी 2018 में केरल राज्य में आई विनाशकारी बाढ़ पर आधारित है। यह बाढ़ सिर्फ प्राकृतिक आपदा नहीं थी, बल्कि एक सामाजिक और मानवीय संकट थी, जिसने हजारों लोगों की जिंदगी पलट दी। फिल्म में दिखाया गया है कि जब सारा तंत्र विफल हो जाता है, तब आम लोग ही कैसे एक-दूसरे के लिए “हीरो” बनते हैं।
निर्देशक जूड एंथनी जोसेफ ने इस सच्ची घटना को बेहद भावनात्मक और यथार्थवादी ढंग से प्रस्तुत किया है। इस फिल्म को देखने के बाद दर्शक न सिर्फ बाढ़ के डरावने दृश्य देखते हैं, बल्कि इंसानियत, साहस और उम्मीद की वो मिसालें भी देख पाते हैं जो आपदा के वक्त जन्म लेती हैं।
ऑस्कर तक पहुंची भारतीय फिल्म
कम ही फिल्मों को यह मौका मिलता है कि वे ऑस्कर जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगिता तक पहुंचें। लेकिन ‘2018’ ने यह उपलब्धि भी हासिल की। यह फिल्म भारत की तरफ से 96वें अकादमी पुरस्कारों (ऑस्कर) में ‘बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म’ कैटेगरी के लिए भेजी गई। इससे पहले 2002 में आमिर खान की ‘लगान’ को यह सम्मान मिला था।
स्टारकास्ट और प्रदर्शन
इस फिल्म में टोविनो थॉमस ने केंद्रीय भूमिका निभाई, जो एक साधारण व्यक्ति से असाधारण नायक में बदलते हैं। उनके साथ अपर्णा बालमुरली, आसिफ अली, कुंचाको बोबन, विनीत श्रीनिवासन, नारायण और लाल जैसे प्रतिभाशाली कलाकारों ने फिल्म को जीवंत बना दिया।
फिल्म में नाटकीयता के बजाय संवेदनशीलता पर जोर दिया गया है। किरदारों की जद्दोजहद, आपसी रिश्ते और उनके निर्णय आपको सोचने पर मजबूर कर देते हैं।
5 साल में बनी, फिर भी धमाका किया
इस फिल्म को बनाने में लगभग पांच साल का लंबा समय लगा। इसकी प्रमुख वजह थी कोविड-19 महामारी, जिसकी वजह से शूटिंग लंबे समय तक टलती रही। जैसे ही महामारी का असर कम हुआ, मेकर्स ने दोबारा निर्माण शुरू किया और पूरी लगन से फिल्म को पूरा किया।
इस दौरान फिल्म का बजट 26 करोड़ रुपये रहा, जो अन्य मेगा प्रोडक्शन फिल्मों की तुलना में काफी कम है। लेकिन यही फिल्म 2023 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली मलयालम फिल्म बनकर उभरी।
हिंदी में भी हुई रिलीज, देशभर में बनी पसंदीदा
‘2018’ की लोकप्रियता सिर्फ केरल तक सीमित नहीं रही। इसे हिंदी भाषी क्षेत्रों में भी डब कर रिलीज किया गया, और इसे वहां के दर्शकों ने भी उतना ही सराहा जितना मलयालम दर्शकों ने। फिल्म की गूंज ओटीटी प्लेटफॉर्म्स तक भी पहुंची, जहां इसने व्यूअरशिप के नए रिकॉर्ड बनाए।
क्या सीखा इस फिल्म ने सिखाया?
इस फिल्म का मूल संदेश यह है कि हर आम व्यक्ति में भी ‘हीरो’ बनने की क्षमता होती है, खासकर जब हालात विपरीत हों। यह फिल्म बताती है कि बाढ़ जैसी आपदाएं केवल सरकारी योजना और राहत पर नहीं, बल्कि लोगों की एकजुटता, हिम्मत और करुणा पर भी निर्भर करती हैं।
एक मिसाल बन गई ‘2018’
‘2018: Everyone is a Hero’ आज भी उन फिल्मों में गिनी जाती है, जो बॉक्स ऑफिस की सफलता से कहीं ज्यादा भावनात्मक और सामाजिक असर छोड़ती हैं। इसने यह साबित किया कि असली हीरो वही होता है जो दूसरों के लिए खड़ा होता है, चाहे वो किसी सरकार का अधिकारी हो या कोई मछुआरा।





