रिपोर्ट- प्रेम नारायण
KubreshwarDham : सीहोर स्थित कुबेश्वर धाम में विश्वप्रसिद्ध रुद्राक्ष महोत्सव का शुभारंभ 14 फरवरी से 20 फरवरी तक होने जा रहा है। इस दिव्य आयोजन में देशभर से लाखों शिवभक्तों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए आयोजन समिति ने व्यवस्थाओं को इस बार और अधिक सुदृढ़ व भक्त-अनुकूल बनाया है।
KubreshwarDham : श्रद्धालुओं के बैठने के लिए विशाल पंडाल लगाए गए हैं। इस बार समिति ने कई स्थानों पर बड़े RO वाटर पॉइंट स्थापित किए हैं, जिससे भक्तों को शुद्ध पेयजल आसानी से उपलब्ध हो सके। इसके साथ ही समिति द्वारा ₹5 में 1 लीटर पानी की बोतल वितरित की जा रही है।

KubreshwarDham : भोजन व्यवस्था के लिए पूर्व की तुलना में इस बार और बड़ा एवं भव्य पंडाल तैयार किया गया है। वहीं रेलवे स्टेशन से कथा स्थल तक विठृलेश सेवा समिति द्वारा कई सेवा केंद्र बनाए गए हैं, जहां पानी, विश्राम, प्राथमिक उपचार, अस्पताल और एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

इस अवसर पर स्वदेश न्यूज़ से बातचीत में कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा जी ने सोशल मीडिया पर हो रहे विरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सनातन धर्म के लिए आवाज़ उठाने पर विरोध स्वाभाविक है। उन्होंने भक्तों से स्वयं धाम आकर व्यवस्थाएं देखने की अपील की। लाखों शिवभक्तों की उपस्थिति और “हर-हर महादेव” के जयकारों पर पंडित मिश्रा जी ने कहा कि यह दृश्य उन्हें आत्मिक आनंद और ऊर्जा से भर देता है।

KubreshwarDham : आस्था के महासैलाब में हादसे भी हुए
फरवरी 2023 में आयोजित रुद्राक्ष महोत्सव के दौरान भारी भीड़ के चलते भगदड़ की स्थिति बन गई थी। इस घटना में एक महिला श्रद्धालु की मौत हो गई थी, जबकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु भीड़, तेज गर्मी और पानी की कमी के कारण बीमार पड़ गए थे। कई लोगों को इलाज के लिए अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा था।
इसके बाद अगस्त 2025 में कांवड़ यात्रा और रुद्राक्ष आयोजन के दौरान एक बार फिर अव्यवस्था और अत्यधिक भीड़ के चलते भगदड़ मच गई। इस हादसे में प्रारंभिक रूप से दो महिला श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हुई थी और कई लोग घायल हुए थे। बाद में अलग-अलग स्वास्थ्य कारणों और उपचार के दौरान हुई मौतों को मिलाकर कुल 7 श्रद्धालु अपने घर वापस नहीं लौट पाए।
इन घटनाओं ने धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन, स्वास्थ्य सुविधाओं और प्रशासनिक तैयारियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
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