रिपोर्ट: सैय्यद अली
Kaushambi जनपद में पत्रकारिता जगत के दमन और पत्रकार इश्तेयाक अहमद के खिलाफ दर्ज किए गए कथित झूठे मुकदमे को लेकर स्थानीय मीडियाकर्मियों में भारी रोष है। ‘प्रेस क्लब कौशांबी’ के बैनर तले एकजुट होकर पत्रकारों ने जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को पत्रकारों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
जिला पंचायत से डायट मैदान तक निकाला पैदल मार्च
Kaushambi विरोध प्रदर्शन की शुरुआत जिला पंचायत कार्यालय से हुई, जहाँ बड़ी संख्या में पत्रकार और प्रेस क्लब के पदाधिकारी एकत्रित हुए। यहाँ से पत्रकारों ने एक पैदल मार्च निकाला, जो शहर के मुख्य मार्गों से होता हुआ डायट मैदान पहुँचा। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर पत्रकारिता की आजादी और फर्जी मुकदमों के खिलाफ नारेबाजी की।

“पत्रकार को जेल भेजने की साजिश बर्दाश्त नहीं”
Kaushambi डायट मैदान में आयोजित धरने के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि इश्तेयाक अहमद को साजिशन एक फर्जी मुकदमे में नामजद किया गया है, ताकि उन्हें जेल भेजा जा सके। पत्रकारों का आरोप है कि यह कदम सच की आवाज को दबाने का एक प्रयास है। प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा, “किसी भी पत्रकार का उत्पीड़न अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर प्रशासन ने अपनी कार्यशैली नहीं बदली, तो जिले भर के मीडियाकर्मी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।”
निष्पक्ष जांच और न्याय की गुहार
Kaushambi धरने के माध्यम से पत्रकारों ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से इस मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मामले की सत्यता की जांच किए बिना किसी भी पत्रकार के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करना लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रहार है। फिलहाल इस मामले पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है, लेकिन पत्रकारों की एकजुटता ने अधिकारियों पर दबाव बढ़ा दिया है।





