BY
Yoganand Shrivastava
Kanpur : उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस का अमानवीय चेहरा एक बार फिर सामने आया है। शास्त्री नगर क्षेत्र में एक घरेलू विवाद की शिकायत पर पुलिस ने मर्यादा की सारी हदें पार कर दीं। पुलिसकर्मियों ने एक युवक को चौकी में बुलाकर इस कदर पीटा कि उसके कान का पर्दा फट गया और शरीर पर चोटों के गहरे निशान पड़ गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी सेंट्रल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया है।
Kanpur क्या था मामला?
घटना की शुरुआत मंगलवार को काकादेव इलाके से हुई। पीड़ित युवक (प्राइवेट कर्मचारी) का अपनी पत्नी के साथ छोटी सी बात पर विवाद हो गया था। परिजनों के अनुसार, युवक अपनी डेढ़ साल की बेटी और मां के साथ सो रहा था, जिससे नाराज होकर पत्नी ने झगड़ा शुरू कर दिया। विवाद को बढ़ता देख युवक ड्यूटी पर चला गया, लेकिन पीछे से पत्नी ने शास्त्री नगर पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज करा दी।
Kanpur चौकी में ‘तालिबानी’ इंसाफ
शिकायत मिलते ही चौकी प्रभारी पवन मिश्रा ने युवक को तलब किया। जैसे ही युवक शाम को ड्यूटी से लौटकर चौकी पहुंचा, आरोप है कि वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उस पर लात-घूंसों की बरसात कर दी।
- शामिल पुलिसकर्मी: आरोप के अनुसार प्रभारी पवन मिश्रा, दरोगा अरुण त्रिवेदी, राजू खरवार, जसवंत सिंह और सुमित सिंह चौहान ने मिलकर युवक की बेरहमी से पिटाई की।
- धमकी: युवक को बुरी तरह पीटने के बाद दोबारा शिकायत आने पर जेल भेजने की धमकी देकर भगा दिया गया।
Kanpur डॉक्टरी जांच में खुलासा: फटा कान का पर्दा
जब युवक घर पहुंचा, तो उसकी हालत देख मां के होश उड़ गए। चेहरा सूजा हुआ था और उसे सुनने में दिक्कत हो रही थी। अगले दिन अस्पताल में कराई गई जांच में डॉक्टरों ने पुष्टि की कि पिटाई के कारण युवक के कान का पर्दा फट गया है। युवक का पूरा शरीर पुलिस की बर्बरता के कारण नीला पड़ चुका था।
Kanpur एसीपी की जांच और निलंबन की कार्रवाई
पीड़ित की मां ने हिम्मत दिखाते हुए एसीपी स्वरूप नगर शिखर से न्याय की गुहार लगाई। एसीपी ने मामले की प्राथमिक जांच की और पुलिसकर्मियों को दोषी पाया।
- एक्शन: एसीपी की रिपोर्ट के आधार पर डीसीपी सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव ने चौकी प्रभारी पवन मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
- विभागीय जांच: मामले में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।





