संवाददाता – रतन कुमार
Jamtara साइबर अपराध के गढ़ के रूप में कुख्यात जामताड़ा में पुलिस ने ठगी के एक हाई-टेक तरीके का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने बिंदापाथर और नारायणपुर थाना क्षेत्रों में छापेमारी कर तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो WhatsApp पर फर्जी LPG ऐप (APK फाइल) भेजकर लोगों के बैंक खाते और ई-वॉलेट साफ कर रहे थे।
Jamtara कैसे देते थे ठगी को अंजाम?
पकड़े गए अपराधी तकनीक का सहारा लेकर लोगों को झांसे में लेते थे:
- फर्जी APK फाइल: अपराधी लोगों को WhatsApp पर संदेश भेजते थे कि उन्हें LPG गैस सब्सिडी या बुकिंग के लिए एक विशिष्ट ऐप (APK फाइल) डाउनलोड करना होगा।
- डाटा चोरी: जैसे ही कोई यूजर उस फाइल को इंस्टॉल करता, अपराधियों को उसके फोन की निजी जानकारी और ओटीपी (OTP) का एक्सेस मिल जाता था।
- ई-वॉलेट से सेंधमारी: फोन का कंट्रोल मिलते ही अपराधी ई-वॉलेट और बैंकिंग ऐप्स के जरिए पैसों का ट्रांजैक्शन कर लेते थे।
Jamtara इंस्पेक्टर मनीष गुप्ता के नेतृत्व में सफल छापेमारी
पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मनीष कुमार गुप्ता की टीम ने पगला मोड़ और झिलवा गांव में दबिश दी। इस दौरान तीन आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा गया:
- राहुल गोराई
- नयन मंडल
- जगदीश मंडल (इसका पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है)।
Jamtara बरामदगी और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने अपराधियों के पास से ठगी के इस्तेमाल में आने वाला भारी सामान बरामद किया है:
- नकद: ₹1,02,400 (एक लाख दो हजार चार सौ रुपये)।
- डिजिटल उपकरण: 6 मोबाइल फोन, 8 सिम कार्ड और 1 एटीएम कार्ड।
- वाहन: एक मोटरसाइकिल।
पुलिस ने साइबर थाना जामताड़ा में कांड संख्या 18/26 दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह के तार देश के अन्य किन राज्यों से जुड़े हैं।
Jamtara सावधान: APK फाइल से कैसे बचें?
जामताड़ा पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि:
- किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा WhatsApp पर भेजी गई .apk फाइल को कभी डाउनलोड न करें।
- आधिकारिक ऐप केवल ‘Google Play Store’ या ‘Apple App Store’ से ही इंस्टॉल करें।
- गैस सिलेंडर या सब्सिडी से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें।
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