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जबलपुर: प्रोफेसर प्रज्ञा अग्रवाल की आत्महत्या की पुष्टि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा

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BY: Yoganand Shrivastva

जबलपुर, होम साइंस कॉलेज में बॉटनी की प्रोफेसर रहीं प्रज्ञा अग्रवाल (57) की रहस्यमयी मौत की गुत्थी अब काफी हद तक सुलझती नजर आ रही है। घटना के एक दिन बाद आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ हुआ है कि उन्होंने स्वेच्छा से आत्महत्या की थी। रिपोर्ट के अनुसार, हाथ और गले पर गहरे घावों से अत्यधिक रक्तस्राव हुआ, जिससे उनकी मौत हुई।


मौके पर सुसाइड नोट नहीं मिला, कारण अब भी अनजान

हालांकि घटनास्थल पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, जिससे आत्महत्या के पीछे की वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस का मानना है कि प्रज्ञा अग्रवाल ने खुद बाएं हाथ में चाकू पकड़कर, दाएं हाथ की नसें काटीं और फिर उसी से गले पर भी वार किया। फॉरेंसिक टीम को घटनास्थल से घर में इस्तेमाल होने वाला चाकू बरामद हुआ है।


10 से 15 मिनट में हुआ मौत का कारण बनता रक्तस्राव

मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक के मुताबिक, कट इतनी गहरी थी कि 10–15 मिनट में ही लगभग एक लीटर खून बह गया, जिससे उनका जीवन नहीं बचाया जा सका। यह आत्मघाती कदम सोच-समझकर उठाया गया प्रतीत होता है।


घर पर अकेली रहती थीं, मेड ने शव देखा सबसे पहले

प्रोफेसर प्रज्ञा का शव उनके अंबर विहार कॉलोनी स्थित घर में खून से सना पड़ा मिला। उन्हें सबसे पहले घर में काम करने वाली मेड ने देखा और तुरंत पड़ोसियों व पुलिस को सूचना दी। प्रारंभ में यह मामला हत्या का लग रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने आत्महत्या की पुष्टि कर दी है।


परिवार सदमे में, भाई बोले- दो दिन पहले हुई थी सामान्य बातचीत

भोपाल से जबलपुर पहुंचे प्रज्ञा के छोटे भाई प्रज्ञेश अग्रवाल, जो कि एक्सीलेंस कॉलेज भोपाल में डायरेक्टर हैं, ने बताया कि दो दिन पहले उनकी बहन से फोन पर बातचीत हुई थी। उस वक्त ऐसा कुछ भी नहीं लगा कि वे अवसाद में हैं या कोई गंभीर निर्णय लेने वाली हैं।


कॉलेज में थीं ज़िम्मेदार और लोकप्रिय शिक्षिका

होम साइंस कॉलेज की टीचर्स और छात्राओं के अनुसार, प्रो. प्रज्ञा एक जिम्मेदार, सकारात्मक और जिंदादिल शख्सियत थीं। NAAC मान्यता संबंधी कॉलेज के सारे दस्तावेज़ और कार्यभार वह स्वयं संभाल रही थीं। सबको भरोसा था कि वह चीज़ों को बेहतर दिशा में ले जा रही हैं।


निजी ज़िंदगी में अकेली थीं, पुश्तैनी घर से जुड़ा था सपना

पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि प्रज्ञा अपनी पारिवारिक ज़मीन पर पुश्तैनी मकान का जीर्णोद्धार करवाना चाहती थीं। लेकिन कॉलेज का काम इतना अधिक था कि वह खुद के घर का भी काम नहीं करवा पा रही थीं। बचपन की यादें जुड़ी होने के कारण वे उस घर में रहना चाहती थीं।


पुलिस के लिए कारण खोजना अब सबसे बड़ी चुनौती

हालांकि यह स्पष्ट है कि यह आत्महत्या का मामला है, लेकिन प्रेरणा या कारण क्या था, यह अभी भी अज्ञात है। पुलिस ने अब तक परिवार, कॉलेज स्टाफ, पड़ोसियों और मेड से पूछताछ की है। अभी तक किसी के बयान से कोई गहरा संकेत नहीं मिला है।

सीएसपी आशीष जैन ने बताया कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही सुसाइड की वजह का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

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