Ipca Laboratories Investment को लेकर सीएम मोहन यादव से हुई अहम बैठक
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मुंबई के होटल द सेंट रेजिस में आयोजित ‘मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर संवाद’ कार्यक्रम में इप्का लैबोरेटरीज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य वित्तीय अधिकारी अजीत कुमार जैन से चर्चा की। बैठक में कंपनी की ओर से देवास और विक्रम उद्योगपुरी, उज्जैन में प्रस्तावित निवेश योजनाओं और परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए जरूरी सहयोग पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक के दौरान मध्यप्रदेश में फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्र के विस्तार, नए निवेश और औद्योगिक परियोजनाओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
Ipca Laboratories Investment के तहत देवास में ₹1,000 करोड़ की परियोजना
इप्का लैबोरेटरीज ने देवास में करीब ₹1,000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव रखा है। प्रस्तावित परियोजना से लगभग 1,000 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
बैठक में कंपनी के इस प्रस्ताव और परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं तथा सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। देवास में इप्का की पहले से मौजूद औद्योगिक गतिविधियों को देखते हुए प्रस्तावित निवेश से कंपनी की उत्पादन क्षमता में और विस्तार की संभावना है। मध्यप्रदेश सरकार के रिकॉर्ड में देवास में इप्का की विनिर्माण इकाई दर्ज है।
Ipca Laboratories Investment से उज्जैन में भी बढ़ेगा फार्मा कारोबार
कंपनी की ओर से उज्जैन स्थित विक्रम उद्योगपुरी में करीब ₹80 करोड़ की एक अन्य परियोजना प्रस्तावित की गई है। इस परियोजना के जरिए लगभग 500 रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना जताई गई है।
विक्रम उद्योगपुरी में प्रस्तावित परियोजना के जरिए फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्र से जुड़ी औद्योगिक गतिविधियों को विस्तार देने की योजना है। इससे उज्जैन क्षेत्र में औद्योगिक निवेश के साथ रोजगार के नए अवसर विकसित होने की संभावना है।
Ipca Laboratories Investment से कुल ₹1,080 करोड़ का प्रस्ताव
देवास और विक्रम उद्योगपुरी की दोनों प्रस्तावित परियोजनाओं को मिलाकर इप्का लैबोरेटरीज का कुल निवेश प्रस्ताव करीब ₹1,080 करोड़ का है। इन दोनों परियोजनाओं के जरिए लगभग 1,500 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
प्रस्तावित निवेश से मध्यप्रदेश में कंपनी की औद्योगिक मौजूदगी और मजबूत होने की उम्मीद है। साथ ही फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्र में उत्पादन और रोजगार से जुड़ी गतिविधियों को भी विस्तार मिल सकता है।
Ipca Laboratories Investment में रतलाम बायोटेक पार्क पर भी चर्चा
बैठक में रतलाम में विकसित किए जा रहे बायोटेक पार्क से इप्का लैबोरेटरीज के जुड़ने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। इस दौरान बायोटेक पार्क में उपलब्ध बड़े भूमि बैंक और बेहतर कनेक्टिविटी को लेकर भी चर्चा की गई।
प्रस्तावित बायोटेक पार्क के पास से आठ लेन का एक्सप्रेस-वे गुजरने की बात बैठक में सामने आई। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी और उपलब्ध भूमि को फार्मा तथा बायोटेक क्षेत्र की परियोजनाओं के लिए उपयोगी माना जा रहा है।
Ipca Laboratories Investment के लिए जरूरी सहयोग पर संवाद
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और कंपनी के प्रतिनिधि के बीच प्रस्तावित परियोजनाओं को समय पर आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक सहयोग को लेकर भी चर्चा हुई। अजीत कुमार जैन ने मध्यप्रदेश में कंपनी की मौजूदा गतिविधियों और भविष्य की निवेश योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
बैठक का प्रमुख उद्देश्य प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए जरूरी सुविधाओं और सहयोग को लेकर संवाद स्थापित करना रहा, ताकि निवेश योजनाओं को आगे बढ़ाया जा सके।
Ipca Laboratories Investment वाली कंपनी का फार्मा क्षेत्र में लंबा अनुभव
मुंबई मुख्यालय वाली इप्का लैबोरेटरीज लिमिटेड की स्थापना वर्ष 1949 में हुई थी। कंपनी फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्र में काम करती है और बल्क ड्रग्स, इंटरमीडिएट्स तथा फॉर्मूलेशन के निर्माण से जुड़ी है।
कंपनी की मौजूदगी घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी है। इप्का विभिन्न प्रकार के फार्मास्यूटिकल उत्पादों के निर्माण और वैश्विक स्तर पर उनकी आपूर्ति से जुड़ी हुई है।
Ipca Laboratories Investment से मध्यप्रदेश में कंपनी की मौजूदगी
इप्का लैबोरेटरीज की मध्यप्रदेश में रतलाम, पीथमपुर, इंदौर, भोपाल और देवास में सात विनिर्माण सुविधाएं होने की जानकारी दी गई है। इन इकाइयों से करीब 7,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार जुड़े होने का दावा किया गया है।
मध्यप्रदेश में कंपनी की औद्योगिक मौजूदगी पहले से है। सरकारी पर्यावरण रिकॉर्ड में रतलाम, इंदौर और देवास में इप्का की इकाइयों का उल्लेख भी मिलता है।
Ipca Laboratories Investment से 120 देशों तक पहुंचते हैं उत्पाद
कंपनी के कुल कारोबार में मध्यप्रदेश की इकाइयों का करीब 20 प्रतिशत योगदान बताया गया है। प्रदेश में स्थित कंपनी की इकाइयों से लगभग 120 देशों को उत्पादों का निर्यात किया जाता है।
मध्यप्रदेश में प्रस्तावित देवास और विक्रम उद्योगपुरी की परियोजनाओं के जरिए कंपनी की मौजूदा औद्योगिक गतिविधियों को और विस्तार मिलने की संभावना है। इससे प्रदेश में फार्मास्यूटिकल्स सेक्टर के साथ निर्यात और रोजगार से जुड़े अवसर भी बढ़ सकते हैं।
Ipca Laboratories Investment से फार्मा सेक्टर को मिलेगी नई गति
देवास और उज्जैन में प्रस्तावित ₹1,080 करोड़ के निवेश के साथ रतलाम के बायोटेक पार्क से जुड़ने की संभावनाओं पर हुई चर्चा को मध्यप्रदेश के फार्मास्यूटिकल्स और बायोटेक क्षेत्र के विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है।
यदि प्रस्तावित परियोजनाएं आगे बढ़ती हैं तो इनके जरिए प्रदेश में औद्योगिक निवेश, रोजगार और फार्मा उत्पादन क्षमता को विस्तार मिलने की संभावना है। इससे मध्यप्रदेश में पहले से मौजूद इप्का के औद्योगिक नेटवर्क को भी नई परियोजनाओं के जरिए मजबूती मिल सकती है।


