1 अप्रैल 2025 से नए वित्तीय वर्ष (FY 2025-26) के साथ ही इनकम टैक्स के कई नए नियम लागू हो गए हैं। इनमें टैक्स स्लैब, छूट सीमा, TDS/TCS नियम और NPS जैसी योजनाओं में बदलाव शामिल हैं। ये बदलाव टैक्स भरने वालों के लिए राहत लाने वाले हैं। आइए, विस्तार से जानते हैं:
1. नई टैक्स स्लैब और दरें (नए टैक्स व्यवस्था में)
नए टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) में टैक्स स्लैब और दरें बदली हैं। अब 24 लाख रुपये से ऊपर की आय पर 30% टैक्स लगेगा। पहले यह सीमा 15 लाख रुपये थी। साथ ही, बेसिक छूट सीमा 3 लाख से बढ़ाकर 4 लाख कर दी गई है।
| आय (रुपये में) | टैक्स दर (%) |
|---|---|
| 0 – 4,00,000 | 0% |
| 4,00,001 – 8,00,000 | 5% |
| 8,00,001 – 12,00,000 | 10% |
| 12,00,001 – 16,00,000 | 15% |
| 16,00,001 – 20,00,000 | 20% |
| 20,00,001 – 24,00,000 | 25% |
| 24,00,001 और ऊपर | 30% |
2. 12 लाख तक आय पर जीरो टैक्स
नए टैक्स व्यवस्था में 12 लाख रुपये तक की आय वालों को कोई टैक्स नहीं देना होगा। यह छूट सेक्शन 87A के तहत मिलेगी। सैलरी पाने वालों के लिए यह सीमा 12.75 लाख रुपये तक है (75,000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन के साथ)।
3. ULIP पर टैक्स में बदलाव
अगर ULIP का प्रीमियम 2.5 लाख रुपये सालाना से ज्यादा है, तो उस पर कैपिटल गेन टैक्स लगेगा। शॉर्ट-टर्म गेन पर 20% और लॉन्ग-टर्म गेन पर 12.5% टैक्स देना होगा।

4. TDS नियमों में ढील
- बैंक ब्याज पर TDS की सीमा बढ़ी है। सीनियर सिटीजन के लिए 1 लाख रुपये और अन्य के लिए 50,000 रुपये तक ब्याज पर TDS नहीं कटेगा।
- लॉटरी, हॉर्स रेस आदि पर TDS अब एकल लेनदेन में 10,000 रुपये से ऊपर ही लगेगा।
5. ITR न भरने वालों को राहत
अब ITR न भरने वालों पर ज्यादा TDS/TCS नहीं लगेगा। पहले ऐसे लोगों पर 30% तक TDS कटता था।
6. NPS वात्सल्य योजना पर छूट
NPS वात्सल्य में योगदान पर अब सेक्शन 80CCD के तहत टैक्स छूट मिलेगी। यह सिर्फ पुराने टैक्स व्यवस्था वालों के लिए है।
7. मेडिकल खर्च पर छूट बढ़ी
नौकरीपेशा लोगों के लिए अब विदेश में इलाज पर खर्च की एक निश्चित रकम तक टैक्स नहीं लगेगा।
8. TCS भुगतान में देरी पर छूट
अगर TCS का भुगतान समय पर कर दिया जाए, लेकिन क्वार्टरली स्टेटमेंट देर से जमा हो, तो कोई कार्रवाई नहीं होगी।
9. अपडेटेड ITR भरने का समय बढ़ा
अब आप 48 महीने (4 साल) के भीतर अपडेटेड ITR भर सकते हैं। पहले यह समय 24 महीने था।
10. सेल्फ-ऑक्यूपाइड प्रॉपर्टी का वैल्यूएशन आसान
अब दो घरों तक के लिए “निल” वैल्यू दिखाकर टैक्स बचाया जा सकता है।
11. पुराने और नए ITR की जांच
टैक्स विभाग अब पुराने और नए ITR की तुलना करेगा। अगर कोई गड़बड़ी मिली, तो कार्रवाई हो सकती है।
निष्कर्ष:
ये बदलाव आम लोगों के लिए फायदेमंद हैं। खासकर, मिडल क्लास को 12 लाख तक की आय पर टैक्स छूट बड़ी राहत देगी। हालांकि, ITR भरना और नए नियमों का पालन करना जरूरी है।





